साइबर ठगी का खेल स्कैनर पर — पार्सल पेमेंट डालने से हैक हुआ फोन पे पिन

संवाददाता: प्रभुलाल लोहार, भीलवाड़ा
भीलवाड़ा में साइबर अपराधी लगातार सक्रिय हैं और आए दिन लोग इनके जाल में फँस रहे हैं। ताज़ा मामला शहर के राकेश पांचाल नामक व्यक्ति के साथ हुई ऑनलाइन ठगी का है।
मामला कैसे हुआ
जानकारी के अनुसार, राकेश पांचाल ने ऑनलाइन एक पार्सल मंगवाया था। पार्सल की डिलीवरी के लिए ठगों ने खुद को डिलीवरी एजेंट बताकर राकेश से संपर्क किया और कहा कि उन्हें ऑनलाइन पेमेंट करना होगा। ठगों ने एक फेक स्कैनर कोड भेजा और राकेश से उसी को स्कैन कर पेमेंट करने को कहा।
जैसे ही राकेश ने कोड स्कैन किया, उनके खाते से 7000 रुपये ट्रांसफर हो गए। इसके बाद ठगों ने उनके फोन पे, गूगल पे और पेटीएम से जुड़े पिन नंबर भी हैक कर लिए। केवल इतना ही नहीं, ठगों ने उनके मोबाइल की कॉन्टैक्ट लिस्ट और डाटा भी एक्सेस कर लिया।
ठगों की अगली चाल
बताया जा रहा है कि साइबर ठग अब राकेश की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को व्हाट्सएप पर चैट कर ठगी का प्रयास कर रहे हैं। वे राकेश के नाम से मैसेज भेजते हैं और लोगों को भ्रमित करते हैं।
ठग व्हाट्सएप नंबर 923021634491 और 9105730741 का उपयोग कर रहे हैं। दोनों नंबरों पर ठगों ने प्रोफाइल फोटो (डीपी) लगाई हुई है और भरोसा जीतने के लिए आधार कार्ड की फोटो भी भेजी जाती है।
कार्रवाई और चेतावनी
इस पूरे मामले की शिकायत साइबर क्राइम ब्रांच, भीलवाड़ा में दर्ज कराई गई है। हालांकि खबर लिखे जाने तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि—
- किसी भी अनजान QR कोड या स्कैनर पर पेमेंट न करें।
- कोई भी पिन नंबर या ओटीपी शेयर न करें।
- व्हाट्सएप या अन्य माध्यम से आने वाले संदिग्ध मैसेजों से सतर्क रहें।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें
साइबर ठग अब पेमेंट स्कैनर, कूरियर कॉल, ऑनलाइन ऑर्डर और सोशल मीडिया के जरिए ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें और “साइबर हेल्पलाइन 1930” पर कॉल करें।












