सिंधी समाज की धर्मगुरु साईं वीनादेवी का देवलोक गमन, सिंधी समाज मे शोक व्याप्त

- पाली।
वरूण अवतार भगवान झूलेलाल जी के 24 वे वंशज ठकुर सांई आसनलाल साहिब जी की बहु ब्रह्मलीन ठकुर साईं ओमलाल साहिब जी की धर्मपत्नी एवं वर्तमान में 26 वे वंशज भरूच धाम के गादेश्वर ठकुर सांई मनीष लाल जी की माता जी सिंधी समाज की गुरु माता जी वीनादेवी ओमप्रकाश ठकुर का 16 सितम्बर को देवलोक गमन हो गया जिसकी जानकारी मिलते ही सिंधी समाज पाली में शोक की लहर फेल गई। गुरुवार को पगड़ी रस्म द्वारकेश फार्म, सरदार पटेल स्टेच्यू के सामने तरसाली गाँव बड़ोदा में रखी गयी। जिसमे पाली से सिंधी समाज के गणमान्य जनों ने बड़ोदरा ( गुजरात ) जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

साईं जी के शिष्य हेमन्त तनवानी ने बताया कि माता जी की आयु 80 वर्ष थी, उनका स्वभाव अत्यंत ही सरल था, वे धर्म की साक्षात् रूप थी, दिन दुखियों और पिडितो की सेवा उनका नैमितिक कर्म था। जो हमें प्रेरणा देता रहेगा। माता जी के निधन पर सिन्धी समाज सेवा समिति, पूज्य श्री झूलेलाल मन्दिर सिन्धी कॉलोनी, पूज्य श्री झूलेलाल ठकुर आसनलाल मंदिर के समस्त सेवादार और सिन्धी समाज के गणमान्य जनों ने माताजी बताए सद उपदेशों और शिक्षाओं पर आचरण करने का संकल्प व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की।














