मुनिराज श्री पीयूषचन्द्र विजयजी महाराज साहेब द्वारा 71 दिवसीय मौन व्रत साधना – श्री मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ, डहाणु

पूज्य मुनिराज श्री पीयूषचन्द्र विजयजी महाराज साहेब 10 जुलाई 2025, गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर से 18 सितम्बर 2025 तक, डहाणु स्थित श्री मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ में 71 दिवसीय मौन व्रत एवं श्री वर्धमान महाविघा मंत्र साधना में लीन रहेंगे। यह साधना उनके आराध्य गुरुदेव, गच्छाधिपति परोपकार सम्राट, आचार्य प्रवर श्रीमद् विजय ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी महाराज द्वारा 25 वर्ष पूर्व प्रदान की गई थी।
श्री वर्धमान महाविघा मंत्र साधना अत्यंत विशिष्ट व दुर्लभ मानी जाती है, जो केवल पदवी प्राप्त गुरु भगवंतों को ही दी जाती है। पूज्य गुरुदेव द्वारा अपने ज्येष्ठ शिष्य को यह साधना प्रदान करना न केवल उनकी अपार कृपा का प्रतीक था, बल्कि मुनिराज श्री के गहन तप, पुण्य और साधनात्मक सामर्थ्य का भी परिचायक था।

इस मंत्र साधना की प्रथम तपश्चर्या मुनिराज श्री ने वर्ष 2018 के चातुर्मास में शत्रुंजय महातीर्थ, पालिताणा में मौन धारण कर 68 दिनों तक की थी। इस वर्ष यह दिव्य योग एक बार फिर बना है, जब मुंबई के समीप स्थित डहाणु क्षेत्र में, बंधु बेलड़ी मुनि पीयूष मुनि रजत के मार्गदर्शन व प्रेरणा से, श्री मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ में यह महान साधना प्रारंभ हो रही है।
मुनिराज श्री 71 दिन तक पूर्ण मौन धारण कर, गुरुदेव द्वारा प्रदत्त इस मंत्र साधना का जाप एवं अनुष्ठान करेंगे। यह अत्यंत दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर 18 सितम्बर 2025 को, गुरु पुष्य अमृत योग जैसे पावन दिवस पर, महा मांगलिक के साथ संपन्न होगा, जिसके साथ ही मुनिश्री अपने मौन व्रत का विधिवत समापन करेंगे। यह साधना न केवल साधक की आत्मिक उन्नति का साधन है, बल्कि समग्र समाज के लिए भी आध्यात्मिक जागृति एवं प्रेरणा का दिव्य स्रोत बनेगी।














