रत्न कुक्षी माता-पिता एवं परिवारजनों का भव्यातिभव्य सम्मान समारोह, जैनाचार्य श्री रत्नसेन सूरीश्वर जी महाराज के संयम सुवर्ण वर्ष में गोड़वाड़ क्षेत्र हुआ भावविभोर

रत्न कुक्षी माता-पिता एवं परिवारजनों का भव्यातिभव्य सम्मान, जैनाचार्य श्री रत्नसेन सूरीश्वर जी महाराज के संयम सुवर्ण वर्ष में गूंजा गोड़वाड़ क्षेत्र
बाली | गोड़वाड़
बाली गोड़वाड़ क्षेत्र में जैन समाज के लिए गौरव का विषय बने जैनाचार्य श्री रत्नसेन सूरीश्वर जी महाराज साहेब के संयम सुवर्ण वर्ष के अवसर पर भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर रत्न कुक्षी माता-पिता एवं परिवारजनों का भव्यातिभव्य सम्मान समारोह अत्यंत श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया।
इस मंगल अवसर पर बाली नगर के कुलदीपक, माता चंपाबाई एवं पिता छगनराजजी चोपड़ा परिवार के सुपुत्र, जैन हिंदी साहित्य के दिवाकर, प्रभावशाली प्रवचनकार, पूज्य आचार्य भगवंत श्री रत्नसेन सूरीश्वर जी महाराज (राजुमाराज) के संयम जीवन के पचासवें वर्ष के उपलक्ष्य में मंगल प्रवेश का भव्य आयोजन हुआ।
कार्यक्रम के अंतर्गत सर्व विरति महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें गोड़वाड़ क्षेत्र से दीक्षित होकर वर्तमान में विद्यमान साधु-साध्वियों के रत्न कुक्षी माता-पिता एवं परिवारजनों का विशेष सम्मान किया गया। यह सम्मान समारोह समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहा।

इस पावन आयोजन में पोपटलालजी एवं लालचंदजी ढालावत परिवार को रत्न कुक्षी माता-पिता एवं परिवारजनों के सम्मान का सौभाग्य प्राप्त हुआ। सभी परिवारों को विधिवत सम्मानित किया गया, जिससे पूरा पंडाल भावविभोर हो उठा।
कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन सूरत से पधारे महेंद्र भाई ने किया। वहीं संगीत की मधुर प्रस्तुतियों से वातावरण को आध्यात्मिक रंग देने का कार्य विश्वविख्यात बाली के कलाकार अनिल गेमावत एवं उनके साथी संयम भाई ने किया। उनके भावपूर्ण भजनों और प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं।
कार्यक्रम स्थल पूरी तरह श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। चारों ओर भक्ति, संयम और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। माता-पिता के त्याग, संस्कार और संयम मार्ग की महिमा पर आधारित प्रस्तुतियों ने सभी को भावुक कर दिया।
समारोह के अंत में उपस्थित जनसमूह ने आचार्य श्री के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं जैन धर्म के प्रचार-प्रसार की कामना की। आयोजन ने समाज को संस्कार, त्याग और संयम का गहरा संदेश दिया।
















