बोरीवली, मुंबई में होगा ऐतिहासिक जैन दीक्षा महोत्सव 2026 मुंबई एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व आध्यात्मिक प्रसंग का साक्षी बनने जा रहा है।

जैन दीक्षा महोत्सव 2026 का आयोजन पहली बार इतने भव्य और विराट स्तर पर बोरीवली वेस्ट के चीकुवाड़ी क्षेत्र में किया जा रहा है।
इस पांच दिवसीय महोत्सव का नाम संयमरंग उत्सव रखा गया है जो 4 फरवरी से 8 फरवरी 2026 तक चलेगा और 8 फरवरी 2026 को इसका भव्य परिपूर्ण दिवस होगा, जब 18 पुरुष और 46 महिला दीक्षार्थी एक ही मंडप में सामूहिक रूप से जैन दीक्षा ग्रहण करेंगे — जो महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार होगा। महोत्सव के लिए 2,50,000 वर्ग फुट क्षेत्र में एक विशाल आध्यात्मिक नगरी का निर्माण किया गया है, जो पूरे परिसर को त्याग, तप, संयम और जैन आध्यात्मिक मूल्यों की अनुभूति से भरपूर बनाएगा।
दीक्षा उत्सव वरिष्ठ आचार्यभगवंत गच्छाधिपति पूज्य सोमसुंदरसूरिजी महाराज साहेब और अनेक पूज्य आचार्य भगवंतों की उपस्थिति में होगा। यह दीक्षा पूज्य शांतिचंद्रसूरि समुदाय के जैनाचार्य पूज्य जिनचंद्रसूरिजी महाराज साहेब के प्रशिष्य, पूज्य योगतिलकसूरिजी महाराज साहेब के मार्गदर्शन से संपन्न होगी।
इस महोत्सव में 800 से अधिक पूज्य साधु-साध्वी भगवंतों की पावन उपस्थिति रहेगी। पांच दिनों के दौरान कुल 2,00,000 से अधिक भाविकों के लिए साधर्मिक भक्ति (भोजन) की उत्तम और सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई है। विशाल भोजन मंडप में एक साथ 10,000 से अधिक लोग बैठकर भोजन कर सकेंगे, जिसमें हर दिन तीन समय भोजन परोसा जाएगा। इस उत्सव का संदेश जन जन तक पहुंचाने के लिए 1,00,000 से अधिक घरों में मिठाई अर्पण की जाएगी, ताकि आध्यात्मिक संदेश पूरे समाज में प्रसरे।

इस ऐतिहासिक महोत्सव में मुंबई के 200 से अधिक जैन संघों तथा 1,800 ट्रस्टियों को आमंत्रण दिया गया है, जिसके कारण पूरे जैन समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। महोत्सव की भव्यता में वृद्धि करते हुए, हर दिन देरासर परिसर 1,000 से अधिक दीवों से प्रकाशित किया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण दिवाली समान दिव्य तेज से झलहलाता दिखेगा।
शाम के समय देश के जाने-माने भक्ति संगीतकार मनन संघवी, शिवम सिंह, सनी शाह सहित 12 संगीत टीमों द्वारा भावभरे भक्ति संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इस उत्सव में दीक्षार्थियों का विदाई समारोह, भव्य वर्षीदान यात्रा आदि अनेक कार्यक्रम लोगों का आकर्षण का केंद्र बनेंगे।
इस आध्यात्मिक नगरी में शौर्य गाथा, विशेष रूप से रचित आध्यात्मिक गैलरी, भव्य मंदिर, तथा अनेक विशिष्ट रचनाएं भक्तों के लिए उपलब्ध रहेंगी। इस दीक्षा महोत्सव की एक विशेष बात यह है कि इसमें 72 वर्ष के वयोवृद्ध से लेकर छोटी उम्र के 9 वर्ष के दीक्षार्थी हैं, जिसमें तीन पूर्ण परिवार और चार दंपति (पति-पत्नी) एक साथ सांसारिक जीवन का त्याग करके दीक्षा ग्रहण करेंगे। अनेक दीक्षार्थी उच्च शिक्षित और प्रोफेशनल पृष्ठभूमि वाले हैं, जिसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट, पी.एच.डी. (फिजिक्स), आर्किटेक्ट, फूड टेक्नोलॉजिस्ट, बी.ए.-एल.एल.बी., इंटीरियर डिजाइनर, मेडिकल लेब टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ, तथा कला और विज्ञान में स्नातकोत्तर शामिल हैं।
दीक्षार्थी भारत के नौ राज्यों और शहरों — सूरत, अहमदाबाद, बनासकांठा (भाभर, थराद, वाव), सौराष्ट्र, मुंबई, पुणे, उदयपुर, हिंगणघाट, रायपुर और उज्जैन —में से तथा युनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका (USA) से भी दो दीक्षार्थी आ रहे हैं, जो जैन धर्म की वैश्विक आध्यात्मिक पहुंच को प्रतिबिंबित करता है। यह समग्र विराट आयोजन अध्यात्म परिवार द्वारा विभिन्न उदार दिल लाभार्थियों के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसमें 700 से अधिक सेवाभावी कार्यकर्ता निष्काम भाव से सेवा दे रहे हैं।
यहाँ उल्लेखनीय है कि जैनाचार्य योगतिलकसूरिजी की पावन निश्रा में 2019 में 44 सामूहिक दीक्षा भी बोरीवली के इसी चीकुवाड़ी में हुई थी और उनके वाणी से पिछले 10 वर्षों में 350+ लोगों ने दीक्षा अंगीकार की है, यह 2026 का वर्ष पूज्य शांतिचंद्रसूरिजी की दीक्षा का शताब्दी वर्ष है, यह भी एक सुखद योगानुयोग है। बोरीवली में होने वाला जैन दीक्षा महोत्सव 2026 संयमरंग उत्सव, जैन परंपरा में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ेगा और साथ ही मुंबई की आध्यात्मिक तथा सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देगा।














