15 दिन बाद हरकत में आया जोधपुर विद्युत निगम, फिर भी समाधान पर संशय

- रिपोर्ट – पुखराज कुमावत सुमेरपुर
घर की दीवार में चुनाई गया बिजली का पोल बना बड़ा खतरा
सुमेरपुर। पाली जिले की सुमेरपुर तहसील के राजस्व गांव पोयणा में जोधपुर विद्युत वितरण निगम की गंभीर लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गांव की रावला गली में एक आवासीय मकान की दीवार में बिजली का खंभा चुनाई कर दफन कर दिया गया है, जो न केवल नियमों के विरुद्ध है बल्कि किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, लीला भारती पुत्र भीमा भारती द्वारा मकान निर्माण के दौरान विद्युत खंभे को हटवाने के बजाय उसे दीवार में ही चुनवा दिया गया। इस अत्यंत खतरनाक स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने हस्ताक्षरयुक्त शिकायत पत्र सहायक अभियंता, जोधपुर विद्युत निगम, सुमेरपुर को सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद विभाग लगभग 15 दिन तक निष्क्रिय रहा और अब जब मामला तूल पकड़ने लगा तो विभाग विवश होकर हरकत में आया। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों द्वारा मकान मालिक के साथ मिलीभगत कर पूर्व में भी बड़ी चूक की गई और अब भी उसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जो जनहित और न्याय दोनों के विरुद्ध है।
ग्रामीणों का कहना है कि जहां एक ओर यह मामला अतिक्रमण का है, वहीं दूसरी ओर यह जनसुरक्षा से सीधा जुड़ा गंभीर खतरा है। क्षेत्र में पहले भी विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते कई हादसे हो चुके हैं, इसके बावजूद विभाग सबक लेने को तैयार नहीं है।
मामले को लेकर विभागीय अधिकारियों के बयानों में भी विरोधाभास सामने आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मकान का निर्माण 3 से 5 वर्ष पुराना है, जबकि विभागीय जिम्मेदार इसे 15 वर्ष पुराना निर्माण बता रहे हैं। इस अंतरविरोध के चलते विभाग की नीयत और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद विद्युत विभाग ने जांच-पड़ताल शुरू करते हुए मकान मालिक और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं। इस संबंध में सहायक अभियंता ने बताया कि मकान मालिक को नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी तथा इस मामले में ग्राम पंचायत से भी पत्राचार किया जाएगा।
हालांकि अब भी बड़ा सवाल यही है कि क्या विद्युत विभाग इस गंभीर और जानलेवा समस्या पर कोई ठोस व निर्णायक कदम उठाएगा या फिर मामला केवल कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रह जाएगा।
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यह विवाद मकान के पुराने या नए होने का नहीं, बल्कि मानव सुरक्षा का है। दीवार में चुनाई गया बिजली का पोल अत्यंत असुरक्षित और खतरनाक है, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।













