पुनाड़िया स्कूल की छत गिरी, प्रशासन मौन

विद्यालय खुलने के बाद जब स्थानीय बच्चे नियमित रूप से स्कूल पहुंच चुके थे,
उसी दौरान स्कूल भवन की एक कक्षा की छत अचानक भरभराकर नीचे गिर गई।


गनीमत यह रही कि विद्यालय के शिक्षकों द्वारा पहले से ही बच्चों को उस जर्जर कक्ष की ओर जाने से सख्ती से मना किया गया था।
यदि बच्चे उस समय उस कमरे में मौजूद होते, तो किसी बड़े जानलेवा हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता था।
घटना के बाद पूरे विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद शिक्षा विभाग या प्रशासन का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही और उदासीनता को साफ तौर पर उजागर करती है।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अनु लखारा ने बताया कि स्कूल भवन की जर्जर अवस्था को लेकर वर्ष 2018 से लगातार प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजे जा रहे हैं।
इसके साथ ही कई बार रिमाइंडर भी दिए गए, लेकिन आज तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
छत गिरने की घटना के बाद
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, बाली को तत्काल सूचना दी गई,
लेकिन मौके पर केवल जेईएन विष्णु प्रसाद शर्मा को भेजकर विभाग ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी रोष व्याप्त है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जर्जर कमरों को ध्वस्त नहीं किया गया, तो पूरे विद्यालय भवन की दीवारें गिरने की आशंका बनी हुई है।
इससे भविष्य में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और प्रशासन की होगी।











