गोचर जमीन पर ‘खेल’ का बड़ा खुलासा: बामनेरा में अवैध प्लॉटिंग-नीलामी के आरोप, सरपंच पर निलंबन की सिफारिश

सरकारी संपत्ति तोड़ने का भी मामला, जांच रिपोर्ट से मचा हड़कंप; ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग तेज
Pukhraj Kumawat
सुमेरपुर। ग्राम पंचायत बामनेरा में गोचर भूमि और सरकारी संपत्तियों से जुड़े मामलों में सामने आई गंभीर अनियमितताओं ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। जिला परिषद पाली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जांच रिपोर्ट में नियमों की अनदेखी और प्रक्रियागत खामियों के संकेत मिलने के बाद सरपंच/प्रशासक रमणीक त्रिवेदी के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन तक की सिफारिश की गई है। जांच में सामने आया कि गोचर भूमि पर बिना आवश्यक स्वीकृतियों के कथित रूप से प्लॉट काटने और नीलामी जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया गया। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इन कार्यों में वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं हुआ, जिससे सरकारी भूमि के दुरुपयोग के आरोप मजबूत हुए हैं।
मामले का दूसरा गंभीर पहलू सार्वजनिक संपत्तियों से जुड़ा है। सरकारी जमीन पर बने सार्वजनिक शौचालय और हैंडपंप को नुकसान पहुंचाने का मामला भी रिपोर्ट में दर्ज है। हैरानी की बात यह है कि पूर्व में नोटिस जारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पूरे प्रकरण में पद के दुरुपयोग और प्रभाव का इस्तेमाल किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। पंचायत समिति स्तर से कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना, प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। मामला सामने आने के बाद बामनेरा में ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

इनका कहना है— रमणीक त्रिवेदी, प्रशासक, बामनेरा: “हम पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। गोचर भूमि में केवल वृक्षारोपण के लिए सफाई करवाई गई थी। कोई अवैध नीलामी या पेड़ों की कटाई नहीं की गई। निकली सामग्री की विधिवत रसीद काटकर राजस्व में जमा करवाई गई है।”
सुरेश नागोरी, सामाजिक कार्यकर्ता: “अगर आरोप गलत हैं तो जांच में साफ हो जाएगा। हम पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की मांग कर रहे हैं और हर स्तर पर सच सामने लाने के लिए तैयार हैं।”
अब फैसला प्रशासन के पाले में
जांच रिपोर्ट के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। फिलहाल पूरे जिले की नजर इस कार्रवाई पर टिकी है।











