Breaking NewsLifestyle & Health

चिकित्सा का चमत्कार: अनंता सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में निकली 250 से अधिक पथरियां, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड के दावेदार का मामला!

  • WhatsApp Image 2024 10 01 at 21.46.23

चिकित्सा क्षेत्र में नई उपलब्धि, अनंत संभावनाओं की दस्तक!

राजस्थान के राजसमंद जिले के देलवाड़ा ब्लॉक में स्थित अनंता सुपरस्पेशलिटी अस्पताल ने हाल ही में ऐसा मेडिकल ऑपरेशन किया है, जिसे सुनकर चिकित्सा विशेषज्ञों से लेकर आम नागरिक तक हैरानी और गर्व से भर उठे हैं। अस्पताल के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग ने एक ऐसे मरीज की पित्त नली और थैली से 250 से अधिक पथरियां निकालने में सफलता प्राप्त की है, जो किसी विश्व रिकॉर्ड से कम नहीं मानी जा रही।

राजस्थान के राजसमंद जिले के देलवाड़ा क्षेत्र स्थित अनंता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। अस्पताल के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग ने एक ऐसे मरीज की पित्त की नली और थैली से 250 से अधिक पथरियां सफलतापूर्वक निकालकर मेडिकल साइंस को एक नया आयाम दे दिया है। यह ऑपरेशन सिर्फ एक सर्जरी नहीं, बल्कि धैर्य, कौशल, समर्पण और तकनीक का संगम था – और यह अब गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन की दिशा में अग्रसर है।

कौन है यह मरीज और क्या थी समस्या?

सिरोही जिले के रहने वाले 46 वर्षीय पुरुष मरीज को बीते कई महीनों से पेट में अत्यधिक दर्द और बार-बार पीलिया होने की शिकायत थी। कई अस्पतालों और जांचों के बाद जब राहत नहीं मिली, तब वे पहुंचे राजसमंद स्थित अनंता अस्पताल के गैस्ट्रो सर्जन डॉ. हेमन्त जैन के पास।

जांचों के बाद सामने आया कि मरीज की पित्त नली और थैली में 200 से भी अधिक पथरियां हो सकती हैं। मरीज को तत्काल गैस्ट्रो यूनिट में भर्ती किया गया और आगे की प्रक्रिया शुरू हुई।

डॉ. जैन बताते हैं:

“जब मरीज मेरे पास आया, तब उसकी आंखों में सिर्फ दर्द ही नहीं, निराशा भी साफ झलक रही थी। हमने सभी जरूरी टेस्ट किए और पाया कि उसकी पित्त की नली और थैली में अनुमानतः 200 से अधिक पथरियां थीं। ये सामान्य मामला नहीं था।”

एंडोस्कोपी से ऑपरेशन तक का सफर

डॉ. हेमन्त जैन और उनकी टीम ने पहले एंडोस्कोपी द्वारा पथरियां निकालने का प्रयास किया, जो आमतौर पर इस तरह की सर्जरी में प्राथमिक विधि होती है। लेकिन पथरियों की संख्या और उनका आकार इतना अधिक था कि एंडोस्कोपी से सफलता नहीं मिली।

इसके बाद चिकित्सकों ने एक हाइब्रिड ऑपरेशन तकनीक अपनाई जिसमें एंडोस्कोपी और ओपन सर्जरी दोनों की मिश्रित रणनीति का उपयोग किया गया। इस प्रक्रिया में यूरोलॉजी विभाग द्वारा उपयोग की जाने वाली यूरेटेरोस्कोपी और लंबी दूरबीन जैसी तकनीकों का सहारा लेकर लिवर तक पहुंच बनाई गई।

डॉ. जैन बताते हैं:

“हम जानते थे कि यह आम ऑपरेशन नहीं होगा। लेकिन हमारी टीम ने जोखिम उठाया, क्योंकि मरीज की जान बचाने के लिए यही एक रास्ता था।”

ऑपरेशन के दौरान क्या हुआ?

डॉ. हेमन्त जैन के अनुसार, “सामान्यतः पित्त की नली में 5 से 10 पथरियां होती हैं। लेकिन जब हमने ऑपरेशन शुरू किया, तो एक-एक कर 250 से अधिक पथरियां निकलीं। यह हमारी टीम के लिए एक अभूतपूर्व और चुनौतीपूर्ण अनुभव था।”

यह सर्जरी कोई आम प्रक्रिया नहीं थी। लिवर के अंदर और बाहर की नलियों में जमी पथरियों को माइक्रो-टेक्नीक और विशेष उपकरणों की सहायता से निकाला गया। इस दौरान मरीज को स्थिर बनाए रखना और किसी भी रक्तस्राव से बचाना भी एक बड़ी चुनौती थी।

ऑपरेशन टीम की जटिल भागीदारी

  • हाइब्रिड तकनीक और मिलिट्री-जैसी सटीकता के साथ ऑपरेशन

यह ऑपरेशन एक सामान्य चोलिसिस्टेक्टॉमी (Gallbladder removal) जैसा नहीं था। इसमें हाइब्रिड टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया – जिसमें गैस्ट्रो, यूरोलॉजी और एंडोस्कोपी तीनों विभागों की विशेषज्ञता का समावेश था।

यूरोलॉजी विभाग की यूरेटेरोस्कोपी तकनीक और लंबी दूरबीन का इस्तेमाल करते हुए लीवर के अंदर तक जाकर पथरियां निकाली गईं।डॉ. हेमंत  जैन कहते हैं की :

“हमने एक-एक पथरी को देखकर निकाला। जब 100 का आंकड़ा पार हुआ तो लगा हम किसी बड़े रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहे हैं। लेकिन जब 250 से ज्यादा पथरियां निकलीं, तो हमारी टीम खुद हैरान रह गई।”

इस ऐतिहासिक ऑपरेशन में जिन डॉक्टर्स और स्टाफ का योगदान रहा, वे हैं:

  1. डॉ. हेमन्त जैन – मुख्य गैस्ट्रो सर्जन
  2. डॉ. सुरेन्द्र, डॉ. दुर्गा – सर्जरी विभाग
  3. डॉ. प्रतिभा, डॉ. नवीन, डॉ. हेतल, डॉ. तन्वी – एनेस्थीसिया विभाग
  4. आशीष, गोपाल, विनोद – ऑपरेशन थियेटर स्टाफ

डॉ. सुरेन्द्र बताते हैं:

“ऑपरेशन के हर पल में जोखिम था। हमें लिवर के भीतर इतनी गहराई तक जाना पड़ा, जहां एक मिलीमीटर की गलती भी जानलेवा हो सकती थी।”

वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर बढ़ता एक कदम

डॉ. हेमन्त जैन का इससे पहले भी एक मेडिकल वर्ल्ड रिकॉर्ड बन चुका है। इस ऑपरेशन को लेकर वे एक बार फिर वर्ल्ड रिकॉर्ड का आवेदन कर रहे हैं। चिकित्सा इतिहास में इस प्रकार की घटनाएं विरले ही होती हैं, और इतने बड़े स्तर पर पथरियों को सफलतापूर्वक निकालना अपने-आप में दुनिया भर के चिकित्सा संस्थानों के लिए प्रेरणा है। ज्ञात रहे की डॉ हेमंत जैन के नाम पर पहले से एक वर्ड रिकार्ड है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

राज्य स्तर के वरिष्ठ सर्जनों का मानना है कि इस तरह की सर्जरी में एक छोटी सी गलती भी जानलेवा हो सकती है। इसलिए 250 से ज्यादा पथरियों को बिना किसी जटिलता के निकाल पाना एक “Masterclass of Surgical Precision” है।

लिवर के अंदर तक जाकर पथरी निकालने की यह प्रक्रिया दर्शाती है कि भारत में अब आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का समावेश, ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।

मरीज की स्थिति अब कैसी है?

ऑपरेशन के बाद मरीज अब पूरी तरह स्थिर और स्वस्थ है। उन्हें कुछ दिन निगरानी में रखा गया और वर्तमान में वे सामान्य भोजन और दिनचर्या में लौट चुके हैं। मरीज और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “हमें नया जीवन मिला है।”

मरीज ने भावुक होते हुए कहा:

“मैंने उम्मीद छोड़ दी थी। अनंता अस्पताल और डॉक्टर हेमन्त जैन ने मुझे नया जीवन दिया है।”

यह ऑपरेशन क्यों खास है?

✅ 250+ पथरियां एक ही ऑपरेशन में निकाली गईं
✅ अत्यंत जटिल हाइब्रिड तकनीक का प्रयोग
✅ लीवर तक जाकर सुरक्षित रूप से पथरी निष्कासन
✅ संभावित वर्ल्ड रिकॉर्ड
✅ ग्रामीण क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सा सफलता

चिकित्सा विज्ञान की जीत

अनंता अस्पताल की इस सफलता ने न सिर्फ राजस्थान या भारत, बल्कि विश्व चिकित्सा क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। इसने यह सिद्ध कर दिया है कि सही तकनीक, विशेषज्ञता और समर्पण से कोई भी बीमारी असाध्य नहीं है।

लूनिया टाइम्स इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को सलाम करता है और उम्मीद करता है कि यह ऑपरेशन देश के लाखों चिकित्सा छात्रों, शोधकर्ताओं और मरीजों के लिए एक Beacon of Hope बनेगा।

अगर आप इस तरह की और मेडिकल इनोवेशन स्टोरी पढ़ना चाहते हैं, तो जुड़े रहें
🌐 www.LuniyaTimes.com के साथ।

न्यूज़ डेस्क

🌟 "सच्ची ख़बरें, आपके अपने अंदाज़ में!" 🌟 "Luniya Times News" पर हर शब्द आपके समाज, आपकी संस्कृति और आपके सपनों से जुड़ा है। हम लाते हैं आपके लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित में बनी खबरें। यदि आपको हमारा प्रयास अच्छा लगे — 🙏 तो इसे साझा करें, समर्थन करें और हमारे मिशन का हिस्सा बनें। आपका सहयोग ही हमारी ताक़त है — तन, मन और धन से। 📢 "एक क्लिक से बदलें सोच, एक शेयर से फैलाएं सच!"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button