राजस्थान से दिल्ली-यूपी तक शीतलहर, पहाड़ों पर भारी बर्फबारी का अलर्ट

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर, ठिठुरन बढ़ी
नया साल 2026 उत्तर भारत के लिए कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के साथ शुरू हुआ है। राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में सर्दी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 और 2 जनवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में घने से अति घने कोहरे की चेतावनी जारी की है, जिससे दृश्यता 50 मीटर तक गिरने की आशंका है।
राजस्थान के कई इलाकों में हालात गंभीर
राजस्थान के उत्तर और पश्चिमी हिस्सों में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। पाली जिले के उपखण्ड बाली क्षेत्र के दुदनी, बेड़ा, कोठार सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में सुबह 11:30 बजे तक घना कोहरा छाया रहा। हालात ऐसे रहे कि लोग अलाव और आग से दूर रहने की स्थिति में नहीं दिखे। घने कोहरे के कारण सड़कों पर आवाजाही लगभग थम सी गई।
परिवहन सेवाओं पर असर
सुबह के समय घने कोहरे के कारण मेगा हाईवे, राज्य मार्गों और रेल परिचालन पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए, वहीं दृश्यता बेहद कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।
पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, ठिठुरन बढ़ी
प्रदेश के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी जारी है। माउंट आबू सहित कुछ जिलों में हल्की बारिश ने ठंड और बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला अभी जारी रह सकता है, जिसका असर मैदानी इलाकों में शीतलहर के रूप में देखने को मिल रहा है।
5 जनवरी तक जारी रह सकती है शीतलहर
मौसम विभाग का अनुमान है कि शहरों और ग्रामीण इलाकों में शीतलहर की स्थिति 5 जनवरी तक बनी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।
राज्यभर में बढ़ती ठंड और कोहरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि जरूरतमंदों को राहत पहुंचाई जा सके।












