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देसूरी एसीबीईओ माली ने दादाई, वारका व वीरमपुरा माताजी विद्यालयों का शाला संबलन के तहत निरीक्षण कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

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नाडोल, 26 नवंबर। अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (ACBEO) देसूरी विजयसिंह माली ने सोमवार को निकटवर्ती राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय दादाई, महात्मा गांधी विद्यालय वारका तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय वीरमपुरा माताजी का शाला संबलन कार्यक्रम के अंतर्गत निरीक्षण किया। उन्होंने तीनों विद्यालयों में शैक्षिक, सहशैक्षिक, भौतिक स्वरूप और अभिलेखीय व्यवस्था का अवलोकन कर संबंधित संस्था प्रधानों एवं स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

दादाई बालिका विद्यालय में विस्तृत निरीक्षण

राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय दादाई के संस्था प्रधान मालाराम मेंशन ने बताया कि एसीबीईओ माली ने निरीक्षण के दौरान—

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  • प्रखर राजस्थान 2.0 की कक्षाओं,
  • आईसीटी लैब,
  • मिड-डे-मील (MDM),
  • पुस्तकालय,
  • और विद्यार्थियों की कार्यपुस्तिकाओं

का बारीकी से अवलोकन किया।

उन्होंने विद्यालय के अभिलेखों की जांच कर शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार, अनुशासन, दस्तावेज संधारण व शिक्षण विधियों से संबंधित दिशा-निर्देश दिए। माली ने स्टाफ व विद्यार्थियों से संवाद कर उनका फीडबैक भी प्राप्त किया।

संस्था प्रधान मालाराम मेंशन ने आश्वस्त किया कि एसीबीईओ द्वारा दिए गए सभी दिशा-निर्देशों की शत-प्रतिशत पालन किया जाएगा। इस अवसर पर अनिल कुमार, लालाराम मीणा, कमल नावल सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।


वारका के महात्मा गांधी विद्यालय का निरीक्षण

इसके बाद माली ने महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय वारका का निरीक्षण किया और संस्था प्रधान आरती सैनी से शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की प्रगति, अभिलेख व आधारभूत संरचना के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय के शैक्षणिक मानकों को और सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।


वीरमपुरा माताजी विद्यालय में भी किया निरीक्षण

तीसरे चरण में माली राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय वीरमपुरा माताजी पहुंचे, जहां उन्होंने संस्था प्रधान विजेंद्रकुमार निर्मल से विद्यालय की स्थिति, संसाधनों, विद्यार्थी उपस्थिति और शिक्षण गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने विद्यालय स्टाफ—

  • प्रेम सिंह चारण,
  • सुमन कुमारी,
  • मंजु कुमारी

से फीडबैक लेकर शैक्षिक सुधार हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान किए।


शाला संबलन कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका

उल्लेखनीय है कि विद्यालयों की शैक्षिक, सहशैक्षिक व भौतिक स्थिति की जांच हेतु शिक्षा अधिकारी तय समय पर विद्यालयों का निरीक्षण करते हैं। यह प्रक्रिया अब एप आधारित शाला संबलन प्रणाली के माध्यम से की जाती है, जिससे निरीक्षण अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी रूप से दर्ज किया जा सके।

न्यूज़ डेस्क

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