मराठा आंदोलन के चलते दक्षिण मुंबई के व्यापार हो रहे हैं प्रभावित

- मुम्बई
सरकार या न्यायालय तुरंत हस्तक्षेप कर व्यापारियों को दिलाए राहत : शंकर ठक्कर
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया मुंबई में मनोज जरांगे पाटिल के नेतृत्व में मराठा आरक्षण आंदोलन का आज चौथा दिन है। इस आंदोलन के चलते दक्षिण मुंबई जो की यहां पर स्थित विभिन्न बाजारों के चलते देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है को इस आंदोलन के चलते काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मराठा आंदोलन शुरू होने से दक्षिण मुंबई की तरफ का यातायात पूरी तरह ठप हो गया है इसलिए इन बाजारों में बाहर गांव से खरीदारी करने आने वाले व्यापारी आने से बच रहे हैं एवं मांलों को भेजने की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
प्रदर्शनकारियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और बीएमसी मुख्यालय के पास चौक जाम कर दिया जिससे फोर्ट से लेकर गेटवे ऑफ इंडिया तक सड़कें बाधित हो गईं। जिसके चलते फैशन स्ट्रीट, क्राफर्ड मार्केट, फोर्ट एवं चर्चगेट तक के सभी व्यापारियों, होटलों एवं रेडी पटरी वालों का व्यापार काफी हद तक प्रभावित हो रहा है।
दक्षिण मुंबई स्थित विभिन्न वस्तुओं की थोक बाजारों के व्यापार प्रभावित होने से उनके आधारित हमाल(लेबर), हाथ गाड़ी से मालों की ढुलाई करने वाले और छोटा टेंपो जो की प्रतिदिन छोटी मोटी कमाई कर अपना गुजरात चलते हैं के लिए यह काफी संघर्ष का समय साबित हो रहा है।

कैट महाराष्ट्र के वरिष्ठ महेश बखाई ने कहा एन गणेशोत्सव जो कि महाराष्ट्र का सबसे बड़ा त्यौहार है के समय पर आंदोलन शुरू होने से लाखों श्रद्धालु अन्य राज्य और विदेशों से मुंबई आते हैं और मुंबई में घूमते हैं और बड़े पैमाने पर खरीदारी करते हैं जो इस आंदोलन के चलते काफी कम संख्या में आ रहे हैं जिससे न सिर्फ दक्षिणी मुंबई बल्कि मुंबई के और कई व्यवसाय को भी नुकसान हुआ है।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने इस आंदोलन पर चिंता जताते हुए कहा दक्षिण मुंबई में स्थिति सामान्य करने के लिए प्रशासन को तुरंत आवश्यक कदम उठाने चाहिए जिससे व्यवसायों की होने वाले दीर्घकालीन नुकसान से बचाया जा सके।
शंकर ठक्कर ने आगे कहा इस आंदोलन के चलते अभी तक सभी प्रकार के स्थानीय एवं थोक व्यापार और यातायात व्यवस्था ध्वस्त होने से टैक्सी कारोबार एवं विमान के कारोबार पर भी असर हुआ है। कुल मिलाकर आज चौथे दिन तक व्यापार और कार्यालयो में काम ठप हो जाने से 1000 करोड रुपयो का नुकसान होने का अनुमान है। इसलिए हम महाराष्ट्र सरकार और न्यायालय से विनती करते हैं की इस विषय पर तुरंत हस्तक्षेप कर व्यापारियों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए मार्ग निकले।













