
चित्तौड़गढ़ ज़िले के भादसोड़ा चौराहे पर स्थित प्राकट्य सांवलिया सेठ मंदिर में आयोजित जलझूलनी एकादशी के तीन दिवसीय मेले के दौरान एक विवादास्पद घटना सामने आई है।
मेले में बुलाए गए एक आर्केस्ट्रा पार्टी द्वारा अश्लील नृत्य एवं अभद्र प्रदर्शन किए गए, जिससे स्थानीय हिंदू समाज में भारी नाराजगी उत्पन्न हो गई। धार्मिक आस्था के इस आयोजन में इस तरह की फूहड़ता को देखकर हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने जब इसका विरोध किया, तो कलाकारों द्वारा उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज एवं धक्का-मुक्की की गई।
इस घटना को लेकर बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और सर्व हिंदू समाज के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक आयोजनों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने प्रशासन को चेताया कि यदि शीघ्र ही दोषियों पर कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो हिंदू समाज स्वतः कार्रवाई के लिए बाध्य होगा।

इस पूरे घटनाक्रम में सेन समाज भी काफी आहत है, क्योंकि उनके विशिष्ट सदस्य प्यारेलाल सेन के साथ भी अपमानजनक व्यवहार किया गया। आम मेवाड़ सेन समाज, राष्ट्रीय नाई महासभा और अन्य सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और न्याय की मांग की। यह मामला अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जिलेभर में तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया है।
प्रमुख मांगें और घटनाक्रम
- धार्मिक स्थलों पर अश्लीलता पूरी तरह बंद हो।
- दोषी कलाकारों के खिलाफ FIR दर्ज हो और उन्हें प्रतिबंधित किया जाए।
- भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए सख्त गाइडलाइन बने।
- प्यारेलाल सेन के साथ हुई अभद्रता के लिए सार्वजनिक माफी और कार्रवाई हो।
- हिंदू संगठनों की चेतावनी: “यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो जन आंदोलन होगा।”
प्रदर्शन में लगे नारे:
- “जय श्री सांवलियाजी!”
- “बंद करो बंद करो, अश्लीलता बंद करो!”
- “जयकारा वीर बजरंगी!”
- “हर हर महादेव!”















