उदयपुर के मालदास स्ट्रीट में बड़े हर्षोल्लास से जैनाचार्य रत्नसेनसूरीश्वरजी का चातुर्मास प्रवेश संपन्न

जैन समाज के लिए हर्ष और आध्यात्मिक उल्लास का अवसर! जैनाचार्य श्रीमद् विजय रत्नसेन सूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा-5 एवं साध्वी श्री समर्पणलीना श्रीजी म.सा. आदि ठाणा-4 का श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ – मालदास स्ट्रीट, उदयपुर में वर्ष 2025 के चातुर्मास प्रवेश का आयोजन भव्य शोभायात्रा और धर्मसभा के साथ संपन्न हुआ।
📍 स्थान: मालदास स्ट्रीट, उदयपुर
📅 तिथि: 4 जुलाई 2025

📿 शोभायात्रा की विशेषताएँ:
प्रातः 8:30 बजे श्री पद्मनाथ स्वामी जैन मंदिर, चौगान-शिक्षा सर्कल से शोभायात्रा प्रारंभ हुई, जिसमें शामिल थे:
- मास्टर बैंड की सुमधुर धुनें
- 1 हाथी, 4 घोड़े
- हीर सूरि जैन पाठशाला के बालक-बालिकाएँ
- सुंदर बग्गियाँ
- पूज्य श्री रामचन्द्र सूरीश्वरजी व पूज्य भद्रंकर विजयजी की चित्र शोभा
- सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता
मार्ग: चेतक सर्कल और हाथीपोल होते हुए यात्रा मालदास स्ट्रीट पहुंची।
🏙️ देशभर से श्रद्धालुओं की भागीदारी:
मुंबई, पुणे, चेन्नई, कोयम्बतूर, पोयनाड, अहमदाबाद, रोहा, पोसालिया, भायंदर, चिंचवड, ठाणे, कर्जत आदि शहरों से बड़ी संख्या में गुरुभक्तों ने उपस्थित होकर चातुर्मास को आध्यात्मिक गौरव प्रदान किया।
📘 विशेष आकर्षण:
नूतन आराधना भवन – मालदास स्ट्रीट में आयोजित धर्मसभा में:
- संगीत सम्राट अनिल गेमावत द्वारा भक्ति संगीत के साथ गुरुदेव का स्वागत
- ज्ञानदीप प्रज्वलन और गुरुपूजन चढ़ावा – रतनबाई धनराज रांका परिवार (सादड़ी-चिंचवड)
- कामली अर्पण – भरतभाई कोठारी (बाली) व भरतभाई छाजेड़ (सेवाड़ी)
- पूज्य आचार्यश्री द्वारा रचित 255वीं हिंदी पुस्तक “10 श्रमण धर्म” का विमोचन

🗣️ जैनाचार्य रत्नसेनसूरीश्वरजी का प्रेरणादायी प्रवचन:
आचार्य ने कहा:
“विज्ञान ने सुविधाएं दी हैं, परंतु साथ ही आत्मिक क्षय भी लाया है। पहले समय था, अब समय की कमी है – परंतु यही अवसर है आत्मिक साधना में जुटने का। चातुर्मास हमें आत्मिक यात्रा की ओर प्रेरित करता है। इस अवसर पर हमें साधनों की दौड़ से हटकर आत्मिक शांति की ओर अग्रसर होना चाहिए।”
उन्होंने यह भी बताया कि 49वें चारित्र वर्ष में हजारों किलोमीटर पदविहार के बाद वे पुनः 34 वर्षों के पश्चात उदयपुर में चातुर्मास मना रहे हैं।
📅 आगामी कार्यक्रम:
6 जुलाई 2025 को प्रातः 9:30 बजे आयोजित होगा –
🎶 गौतमस्वामी वंदना-संवेदना का संगीतमय कार्यक्रम














