एक्सपायर दवा देने से नौनिहाल की मौत, परिजनों का आरोप—पुलिस ने लाखों लेकर मामला किया रफा-दफा

विश्वजीत गगन मिश्रा
लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी में एक्सपायर दवा देने के आरोप में एक नवजात बच्ची की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि स्थानीय झोलाछाप डॉक्टर ने बच्ची को एक्सपायरी दवा देकर गलत तरीके से उपचार किया, जिससे कुछ ही घंटों में उसकी मौत हो गई। मामले की शिकायत जब परिजनों ने झंडी पुलिस चौकी में की, तो पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। परिजनों का कहना है कि चौकी इंचार्ज ने डॉक्टर से लाखों रुपये लेकर मामले को रफा-दफा कर दिया और कोई कार्रवाई नहीं की।
घटना मन्नापुरवा गांव की है। मृत नवजात के बाबा श्री कृष्ण ने बताया कि बच्ची का जन्म मात्र आठ दिन पहले हुआ था। बुधवार को उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन पड़ोस में रहने वाले झोलाछाप डॉक्टर रामस्वरूप के पास ले गए। आरोप है कि डॉक्टर ने ‘इब्यूमेक्स स्पेस’ नाम की एक्सपायर दवा लिखी और वही दवा पिलाने को कहा।

परिजनों का कहना है कि डॉक्टर के बताए अनुसार शाम को दवा पिलाई गई और बच्ची को सुला दिया गया। लेकिन रात में ही बच्ची की सांसें थम गईं। अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
परिजनों ने इसके बाद झंडी पुलिस चौकी इंचार्ज से शिकायत की। आरोप है कि पीड़ितों की सुनवाई करने के बजाय पुलिस ने डॉक्टर से भारी रकम लेकर मामले को दबा दिया।
सूत्रों की मानें तो चौकी में तैनात सिपाही मांगेराम ने परिजनों पर समझौते का दबाव बनाया और अंततः डॉक्टर से कथित रूप से 1 लाख 10 हजार रुपये लेकर मामला निपटा दिया।
परिजन कहते हैं कि न तो प्राथमिकी दर्ज हुई, न ही किसी डॉक्टर के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई। इस रवैये से परिजनों का पुलिस पर भरोसा टूट गया है। उनका कहना है कि “सरकारी वर्दीधारी को किसी का भय नहीं, खुलेआम लेनदेन कर मामला बंद कर दिया गया।”
मामले में स्वास्थ्य विभाग और उच्च पुलिस अधिकारियों का बयान समाचार लिखे जाने तक नहीं मिल सका।











