कैट ने कार्बोनेटेड पेय पर जीएसटी घटाने की मांग की, वित्त मंत्री को भेजा पत्र

मुंबई। कारोबारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने सरकार से कार्बोनेटेड पेय पदार्थों पर जीएसटी दर को कम करने की अपील की है। कैट ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर इन पेयों को 18 फीसदी जीएसटी स्लैब में रखने की मांग की। संगठन का मानना है कि इस कदम से छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी और सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
छोटे कारोबारियों को मिलेगी राहत: शंकर ठक्कर
कैट के राष्ट्रीय मंत्री और अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने कहा,
“कार्बोनेटेड पेयों को 18% जीएसटी स्लैब में रखने का निर्णय छोटे कारोबारियों को राहत देगा और राजस्व में वृद्धि करेगा।”
कैट अध्यक्ष ने दिए आंकड़े, बताया क्यों जरूरी है बदलाव
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भारतीया ने वित्त मंत्री को भेजे पत्र में कहा कि जीएसटी कर प्रणाली के पुनर्गठन के दौरान कर स्लैब को पुनर्परिभाषित करना और अनुपालन के बोझ को कम करना सुधारों का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि हंसा रिसर्च के साथ कराए गए एक अध्ययन के अनुसार, किराना स्टोर्स की कुल बिक्री में पेय पदार्थों का हिस्सा करीब 30% है, लेकिन उच्च कर दर ने उनकी आय पर असर डाला है। भारतीया ने कहा कि वैश्विक स्तर पर पेय पदार्थों पर औसत कर दर 16-18% के बीच है। इसलिए भारत में कार्बोनेटेड पेयों को 18% जीएसटी स्लैब में रखने से अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं के अनुरूप सुधार होगा और घरेलू व्यापार को औपचारिक बनाने में मदद मिलेगी।












