गांवों की पाठशालाओं से कक्षा शिक्षण तक: एसीबीईओ माली का शैक्षिक अभियान
“शाला संबलन से शिक्षक क्षमता संवर्धन तक: देसूरी एसीबीईओ माली की सक्रिय शैक्षिक पहल”

शाला संबलन से कलस्टर कार्यशाला तक
देसूरी एसीबीईओ विजयसिंह माली की सक्रिय पहल
शाला संबलन के तहत पांच विद्यालयों का निरीक्षण
देसूरी | 15 जनवरी
अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी देसूरी विजयसिंह माली ने शाला संबलन कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सांसरी, राजकीय प्राथमिक विद्यालय गुड़ा दुर्जन,
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय आशापुरा, मेवी कलां एवं गुड़ा गोपीनाथ का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षा शिक्षण, मध्याह्न भोजन (एमडीएम), पुस्तकालय व्यवस्था, कार्यपुस्तिकाओं एवं विद्यालय अभिलेखों का गहन अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सांसरी के संस्था प्रधान ताराचंद ने बताया कि निरीक्षण के दौरान एसीबीईओ माली ने विद्यालय स्टाफ व विद्यार्थियों से संवाद कर परीक्षा की तैयारियों का फीडबैक लिया। संस्था प्रधान ने आश्वस्त किया कि
प्राप्त दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाएगी।

इस अवसर पर हिमांशु शर्मा, रोशन बैरवा, पीयूष कुमार यादव, बीना, चंद्रप्रकाश मोबारशा, सतीश परिहार, अनोपसिंह, हुकम सिंह सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
तत्पश्चात माली ने अन्य विद्यालयों में संस्था प्रधान तरुण गर्ग, मदनलाल सुभाषचन्द्र एवं जितेन्द्र कुमार से एमडीएम, शाला स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम सहित शैक्षिक गतिविधियों की जानकारी ली।

उल्लेखनीय है कि शैक्षिक, सहशैक्षणिक एवं भौतिक स्थिति की जांच हेतु शिक्षा अधिकारी एप आधारित शाला संबलन करते हैं।
कलस्टर कार्यशाला में सीखे ज्ञान का कक्षा शिक्षण में उपयोग जरूरी
अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी देसूरी विजयसिंह माली ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पनोता एवं बागोल में आयोजित
कलस्टर कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यशालाओं की सार्थकता तभी है जब उनमें सीखे गए ज्ञान का उपयोग प्रत्यक्ष रूप से
विषय शिक्षण में किया जाए।
सरस्वती पूजन से प्रारंभ उद्घाटन सत्र में दक्ष प्रशिक्षक पाबू सिंह एवं शैतान सिंह ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखते हुए गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
विभिन्न सत्रों में गणित एवं अंग्रेजी विषयों के अंतर्गत निपुण भारत मिशन तथा बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु कक्षा आधारित गतिविधियों की जानकारी दी गई।

संभागी शिक्षकों ने भी अपने-अपने विद्यालयों में किए गए शैक्षिक नवाचारों को साझा किया।
संस्था प्रधान पनोता घीसाराम चौधरी एवं
संस्था प्रधान बागोल गणपतसिंह सोलंकी के निर्देशन में विद्यालय स्टाफ द्वारा कार्यशाला की व्यवस्थाएं संभाली गईं।
उल्लेखनीय है कि शिक्षकों के क्षमता संवर्धन हेतु वर्ष में चार कलस्टर कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। यह इस सत्र की चौथी एवं अंतिम कार्यशाला रही, जिसमें विभिन्न पंचायत क्षेत्रों के शिक्षक सहभागी बने।










