गोडवाड़ के इतिहास व संस्कृति पर प्रकाशित गोडवाड़ विरासत कैलेंडर का भी हुआ विमोचन

घाणेराव में हुआ ऐतिहासिक इतिहास सम्मेलन
देसूरी। घाणेराव में गोडवाड़ सांस्कृतिक शोध संस्थान के तत्वावधान में गोडवाड़ के इतिहास एवं संस्कृति पर आधारित ऐतिहासिक परिचर्चा साहित्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान इतिहास, संस्कृति, साहित्य एवं कला के विविध पहलुओं पर गहन मंथन हुआ तथा नई साहित्यिक पीढ़ी तैयार करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में गोडवाड़ की ऐतिहासिक धरोहर को प्रकाशित कैलेंडर का भी विमोचन किया गया। रविवार को घाणेराव स्थित होटल हवेली रिसोर्ट में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की। सिरोही महाराजा के प्रतिनिधि सौभाग्यसिंह देवड़ा भट्टाना ने की। मुख्य अतिथि घाणेराव के ठाकुर एवं आशापुरा माता मंदिर ट्रस्ट कमेटी नाडोल के संरक्षक हिम्मतसिंह मेडतिया रहे, उन्होंने गोडवाड़ सांस्कृतिक शोध संस्थान द्वारा इतिहास संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए शोध कार्य को और सशक्त बनाने पर बल दिया।
साहित्यकार आशा पांडेय ओझा ने साहित्य लेखन एवं लेखकों के संरक्षण की आवश्यकता बताई। आयोजक संस्थान के सचिव जितेंद्रसिंह राठौड़ घाणेराव ने कहा कि वे गोडवाड की विरासत को लिपिबद्ध करने को यह संस्थान महत्ती कार्य में समर्पित भाव से कार्यरत है और इसमें सभी इतिहास एवं साहित्य प्रेमियों का सहयोग बना रहे जिससे गोडवाड़ की प्राचीन विरासत को लोग और अधिक जान पाए!
साहित्यकार माधोसिंह इंदा ने गोडवाड़ के इतिहास के पुनर्लेखन तथा गोडवाड़ विरासत मासिक पत्रिका के नियमित प्रकाशन पर जोर दिया। कवि रतनसिंह पुनाडिया ने डिंगल रचना काव्य पाठ किया। शिक्षाविद सुलेमान टॉक ने साहित्य के सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। अतिरिक्त मुख्य ब्लाक शिक्षा अधिकारी देसूरी विजयसिंह माली ने गोडवाड़ में मुग़ल प्रतिरोध पर पत्रवाचन किया, वहीं इतिहासकार बंशीनारायण खंडेलवाल सिरोही ने गोडवाड़ के इतिहास लेखन में हरसंभव सहयोग देने की बात कही।

विशिष्ट अतिथि के रूप में नाथद्वारा मंदिर मंडल के सीईओ जितेंद्र पांडेय, जसवंतसिंह भाटी सुवालिया एवं जत्ती भग्गा बाबा उपस्थित रहे। लेखक सुरमनाथ देवड़ा ने कालबेलिया समाज एवं नाथ सम्प्रदाय के इतिहास पर लिखी अपनी पुस्तक का विमोचन व वितरण भी किया। कार्यक्रम में महंत जेठू भारती सेवाड़ी मठ भी मौजूद रहे। स्वागताध्यक्ष उपेंद्र श्रीमाली घाणेराव ने अतिथियों का स्मृति चिन्ह व दुपट्टा भेंट कर सम्मान किया। कार्यक्रम में दुर्गादान चारण, सुरेशपुरी गोस्वामी, पंकजराज मेवाड़ा, जोरसिंह चौहान, डॉ. राजेश राठौड़, भूपेंद्र श्रीमाली, सुरेंद्रसिंह मेड़तिया, हडमतसिंह देवड़ा, गंगारसिंह वाड़का, वक्तावरमल सुथार, मंगणाराम चौधरी सहित बड़ी संख्या में गोडवाड़, मेवाड़, मारवाड़ के इतिहास – साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रकाश मेवाड़ा एवं एडवोकेट राजेंद्र गहलोत ने किया।











