गोड़वाड़ की पावन धरा बाली में भव्य पंचाहिक महोत्सव, आचार्य श्री विजय रत्नसेन सूरीश्वर जी के जीवन के 50वें वर्ष में प्रवेश पर श्रद्धा का सागर उमड़ा

बाली (पाली)।
गोड़वाड़ की पावन भूमि बाली नगर में प्रथम आचार्य, विश्वविख्यात परम पूज्य आचार्य भगवंत श्री विजय रत्नसेन सूरीश्वर जी (राजू महाराज) के जीवन के 50वें वर्ष में प्रवेश के शुभ अवसर पर आयोजित पंचाहिक महोत्सव का तीसरा दिन अत्यंत भव्य और भावपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 9:30 बजे न्याति नोहरा में वर्धमान शक्रस्तव अभिषेक से हुई। इस दौरान विविध औषधियों से अभिषेक किया गया, जिसमें मंत्रोच्चार के साथ भव्य मंगल विधान संपन्न हुआ। अभिषेक का मंत्रोच्चार कल्पेश भाई सिरोही द्वारा विधिवत रूप से कराया गया। पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देने वाला यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रहा।
अभिषेक में संगीत रत्न अनिल गेमावत एवं उनके साथियों द्वारा मधुर भक्ति संगीत प्रस्तुत किया गया, वहीं संयम जैन ने एक से बढ़कर एक भावपूर्ण भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
30 फीट ऊँची भव्य सजावट में धान्य से निर्मित रंगोलियां, फल, ड्रायफ्रूट, मिठाइयाँ, कस्तूरी, चंदन, केसर, दूध, दही एवं बहुमूल्य जड़ी-बूटियों से अभिषेक किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
इस पावन अवसर पर लाभार्थी परिवारों में
किरण भाई चोपड़ा, भरत भाई कोठारी, बाबूभाई मंडलेसा, बाबूलालजी चोपड़ा, सज्जन भाई रांका, कांतीभाई कितावत, प्रकाशजी कितावत एवं विक्रम राठौड़ सहित अनेक भक्तों ने अभिषेक का सौभाग्य प्राप्त किया।
दोपहर 1:30 बजे बहनों को मेहंदी वितरण किया गया एवं ग्राम सांझी का आयोजन हुआ, जिसके पश्चात महापूजा संपन्न हुई।
शाम 7 बजे कुमारपाल महाराजा को रथ में विराजमान कर पार्श्वनाथ चौक लाया गया। अपार जनसमूह की उपस्थिति में मंदिर के बाहर 108 दीपकों से भव्य आरती उतारी गई एवं मंगल दीप प्रज्वलित किया गया।
इस अवसर पर दो कुमारपाल महाराजा बनाए गए—
- किरण भाई चोपड़ा
- भरत भाई कोठारी
वहीं उनकी धर्मपत्नी महारानी के रूप में विराजमान रहीं। साड़ीदार के रूप में शांतिलाल जी चोपड़ा की भूमिका रही।
ठंड के बावजूद पंडाल में भक्ति की ऐसी अलौकिक छटा देखने को मिली कि श्रद्धालु झूमते-नाचते नजर आए। पूरा वातावरण “जय जिनेंद्र” के उद्घोष से गूंज उठा और बाली नगर धर्ममय उल्लास में सराबोर हो गया।
— लूनिया टाइम्स
















