जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने किया नौगांव माधव गौ विज्ञान अनुसंधान केंद्र का दौरा – पंचगव्य चिकित्सा व जैविक खेती के नवाचारों की सराहना

भीलवाड़ा, राजस्थान – राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बुधवार को भीलवाड़ा जिले के नौगांव में स्थित माधव गौ विज्ञान अनुसंधान केंद्र एवं गौशाला का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर मंत्री रावत ने केंद्र परिसर में स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।
पंचगव्य चिकित्सा और जैविक खेती को मिला मंत्री का समर्थन
निरीक्षण के दौरान केंद्र के अध्यक्ष और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता श्री सुरेश पेसवानी ने मंत्री रावत को संस्थान की विभिन्न गतिविधियों, शोध कार्यों और ग्रामीण विकास में योगदान की जानकारी दी।

मंत्री ने पंचगव्य चिकित्सा पद्धति, गौ आधारित जैविक खेती, और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पंचगव्य चिकित्सा, जिसमें गौमूत्र, गोबर, दूध, दही और घी का वैज्ञानिक उपयोग किया जाता है, आयुर्वेदिक उपचार में अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है।
“यह केंद्र आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय प्रयास है, जो आधुनिक विज्ञान के साथ मिलकर ग्रामीण स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता को बल दे रहा है।” – सुरेश सिंह रावत, जल संसाधन मंत्री
जैविक खेती से किसानों को मिल रही नई दिशा
मंत्री रावत ने केंद्र द्वारा चलाए जा रहे जैविक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी सराहना की, जिसमें किसानों को रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर गौ आधारित उत्पादों – जैसे जैविक खाद, गौ-अमृत, और प्राकृतिक कीटनाशकों के प्रयोग के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने इसे टिकाऊ कृषि और ग्रामीण समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
गौशाला से आगे – आत्मनिर्भरता और ग्रामीण नवाचार का केंद्र
मंत्री रावत ने कहा कि माधव गौ विज्ञान अनुसंधान केंद्र मात्र एक गौशाला नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण नवाचार, पारंपरिक चिकित्सा और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने का एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुका है। उन्होंने केंद्र की उस पहल की विशेष सराहना की, जिसके तहत गौपालकों और कृषकों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

राज्य सरकार का पूर्ण समर्थन
निरीक्षण के अंत में मंत्री ने केंद्र के कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए उनके सेवा भाव और समर्पण की सराहना की। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से ऐसे संस्थानों को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।














