जीतो द्वारा विश्व नवकार महामंत्र दिवस का आयोजन – 9 अप्रैल को पूरी दुनिया होगी नवकारमय

भायंदर (पूर्व)। नवकार मंत्र, जैन धर्म का एक अत्यंत पवित्र और मूलभूत मंत्र है, जिसे जैन साधु-साध्वियाँ प्रतिदिन श्रद्धा और समर्पण के साथ जपते हैं। यह मंत्र केवल पूजा का माध्यम नहीं है, बल्कि जैन धर्म के पांच प्रमुख पूज्य व्यक्तित्वों – अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु – के प्रति सम्मान और समर्पण का प्रतीक भी है।
नवकार मंत्र का पाठ न केवल आत्मशुद्धि का साधन है, बल्कि यह सभी प्रकार के पापों का नाश करने वाला और मंगलकारी माना गया है।
नवकार मंत्र का शाब्दिक स्वरूप इस प्रकार है:
“णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आयरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्वसाहूणं।
एसो पंच णमोक्कारो, सव्वपावप्पणासणो।
मंगलाणं च सव्वेसिं, पढमं हवई मंगलं।”
इस मंत्र का अर्थ है:
“मैं अरिहंतों, सिद्धों, आचार्यों, उपाध्यायों तथा समस्त साधु-साध्वियों को नमन करता हूँ। ये पंच परमेष्ठी सभी पापों का नाश करते हैं और सभी मंगलों में प्रथम मंगल माने जाते हैं।”
9 अप्रैल को वैश्विक नवकार महामंत्र जाप का आयोजन
इस पवित्र मंत्र की महत्ता को विश्वव्यापी स्तर पर जन-जन तक पहुँचाने और इसके माध्यम से आध्यात्मिक शांति एवं सामूहिक ऊर्जा का संचार करने के उद्देश्य से जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) द्वारा “विश्व नवकार महामंत्र दिवस” का आयोजन किया जा रहा है।
- तिथि: 9 अप्रैल 2025
- समय: प्रातः 8:00 बजे से 9:30 बजे तक
- स्थान: आदेश्वर जिनालय प्रांगण, भायंदर (पूर्व)
इस आध्यात्मिक आयोजन के अंतर्गत नवकार मंत्र का सामूहिक जाप किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। जीतो की यह पहल न केवल भायंदर तक सीमित है, बल्कि इसे डिजिटल माध्यम से दुनिया भर में लाइव प्रसारित किया जाएगा, जिससे वैश्विक स्तर पर जैन समुदाय के लोग इस मंत्र की दिव्यता का अनुभव कर सकें।
रजिस्ट्रेशन अनिवार्य – समस्त जैन समुदाय से सहभागिता की अपील
जीतो ने समस्त जैन समाज के लोगों से इस पावन आयोजन में भाग लेने की अपील की है। इच्छुक श्रद्धालु जाप के लिए ऑनलाइन या स्थानीय जीतो शाखा के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह जैन समाज की एकता, जागरूकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक भी बनेगा।
उद्देश्य और संदेश
इस आयोजन के पीछे मुख्य उद्देश्य है –
- नवकार मंत्र की आध्यात्मिक ऊर्जा को विश्व स्तर पर पहुँचाना
- समाज में धर्म, करुणा, अहिंसा और आत्मिक उत्थान की भावना जागृत करना
- युवाओं को जैन धर्म के मूल मंत्रों और उनके महत्व से अवगत कराना
यह आयोजन एक प्रेरणा है, जो यह दर्शाता है कि आध्यात्मिक शक्तियाँ सीमाओं में नहीं बंधतीं – वे पूरे विश्व को आलोकित कर सकती हैं।















