देसूरी एसीबीईओ माली ने विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर दिए दिशा-निर्देश, लाचित बरफुकन व गुरु तेगबहादुर से प्रेरणा लेकर “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के संकल्प पर जोर
अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी देसूरी विजयसिंह माली ने शनिवार को नाडोल, आना, ढालोप, करणवा, नारलाई तथा छोड़ा सहित अनेक विद्यालयों में पहुँचकर अर्द्धवार्षिक परीक्षा, शैक्षणिक गतिविधियों व शाला संबलन के तहत व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालयों की शैक्षिक, सहशैक्षणिक व भौतिक स्थिति की विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

देसूरी/सादड़ी/नाडोल, 25 नवंबर।
“लाचित बरफुकन और गुरु तेगबहादुर हमारे प्रेरणास्रोत” — माली
नाडोल स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोटड़ी में प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए माली ने कहा कि असम के महान सेनापति लाचित बरफुकन, जिन्होंने सराईघाट के युद्ध में मुगलों को पराजित किया, तथा सिखों के नवें गुरु गुरु तेगबहादुर, जिन्होंने राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया—दोनों ही भारत के गौरव और प्रेरणा के प्रतीक हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि इन महापुरुषों की जीवनगाथा से सीख लेकर हमें राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के निर्माण में योगदान देना चाहिए। प्राचार्य अशोक कुमार ने भी दोनों विभूतियों की प्रेरक जीवनी पर प्रकाश डाला। स्काउटर मेघाराम ने कार्यक्रम की जानकारी साझा की।

देसूरी एसीबीईओ माली ने विभिन्न विद्यालयों में शाला संबलन व अर्द्धवार्षिक परीक्षा व्यवस्था का किया व्यापक निरीक्षण
देसूरी/सादड़ी/नाडोल, 25 नवंबर। शिक्षा की गुणवत्ता, परीक्षा व्यवस्था तथा शाला संबलन कार्यक्रम को प्रभावी बनाने की दिशा में अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी देसूरी विजयसिंह माली ने शनिवार को क्षेत्र के कई विद्यालयों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने प्रार्थना सभा, परीक्षा केंद्रों व शैक्षणिक कक्षाओं में पहुँचकर शिक्षा व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया।
निरीक्षण की शुरुआत नाडोल के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोटड़ी से हुई, जहाँ प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए माली ने महान असमिया सेनापति लाचित बरफुकन व सिखों के नवें गुरु तेगबहादुर के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों ने राष्ट्र, संस्कृति और कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए अदम्य साहस व त्याग का उदाहरण प्रस्तुत किया है। माली ने विद्यार्थियों को इनकी जीवनी पढ़ने व राष्ट्रहित में अपना श्रेष्ठ योगदान देने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अशोक कुमार ने दोनों महान विभूतियों के जीवन पर प्रकाश डाला, जबकि स्काउटर मेघाराम ने एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम की जानकारी दी।
इसके बाद एसीबीईओ माली ने आना, ढालोप, करणवा, नारलाई सहित कई विद्यालयों में चल रही अर्द्धवार्षिक परीक्षा का औचक निरीक्षण किया। परीक्षा कक्षों, उपस्थिति, अभिलेखों व व्यवस्था की गहन जांच की गई। माली ने परीक्षा प्रभारी शिक्षकों से फीडबैक लेकर परीक्षा संचालन की स्थिति जानी तथा शांतिपूर्ण व सुचारू रूप से परीक्षा करवाने के लिए निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान विभिन्न विद्यालयों के संस्था प्रधान, परीक्षा प्रभारी व समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
इसी क्रम में माली ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय छोड़ा पहुँचकर शाला संबलन के तहत निरीक्षण किया। उन्होंने प्रखर राजस्थान 2.0 की कक्षाओं, आईसीटी लैब, एमडीएम, पुस्तकालय, कार्यपुस्तिकाओं व अभिलेखों का परीक्षण किया तथा विद्यालय स्टाफ व विद्यार्थियों से संवाद कर फीडबैक लिया। संस्था प्रधान नैनाराम पसार ने आश्वस्त किया कि दिए गए दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि विद्यालयों की शैक्षिक, सहशैक्षिक व भौतिक स्थिति की जांच हेतु शिक्षा अधिकारियों द्वारा एप आधारित प्रणाली के माध्यम से नियमित रूप से शाला संबलन किया जाता है, जिससे विद्यालयों की स्तर उन्नयन गतिविधियों की वास्तविक निगरानी संभव हो पाती है।
अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वारा किए गए इन निरीक्षणों से विद्यालयों में अनुशासन, शिक्षा की गुणवत्ता और परीक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।












