धर्मनगरी भायंदर की धन्यधरा पर परमात्मा की भव्य रथयात्रा एवं 108 प्रभावक पूर्वाचार्यों का ऐतिहासिक वरघोड़ा

धर्मनगरी भायंदर की पावन भूमि पर शनिवार, दिनांक 03 जनवरी 2026 को जिनशासन की गरिमा को उजागर करती एक अभूतपूर्व, अलौकिक एवं ऐतिहासिक रथयात्रा एवं वरघोड़ा भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ।
इस भव्य आयोजन में परमात्मा की रथयात्रा के साथ-साथ जिनशासन के 108 प्रभावक महान पूर्वाचार्यों के मानचित्रों का विशाल वरघोड़ा निकाला गया, जो विश्व में अपनी तरह की प्रथम, अनूठी, अद्वितीय एवं अतुलनीय परिकल्पना रही।
भायंदर (पश्चिम) में आयोजित इस शोभायात्रा में हजारों गुरु भक्तों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजा, रथ, चाँदी का रथ, इंद्रध्वज एवं जैन धर्म के ध्वजों से सुसज्जित यह शोभायात्रा जन-जन के लिए श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बनी।
विशेष रूप से भायंदर जैन महिला मंडल की बहनों ने सिर पर कलश धारण कर, हाथों में तस्तिया एवं धर्मध्वज लेकर अनुशासित रूप से शोभायात्रा में सहभागिता की। सभी जैन संप्रदायों के श्रद्धालु, साथ ही बाहरगाँव से पधारे हजारों गुरु भक्तों ने इस ऐतिहासिक आयोजन की शोभा बढ़ाई।
इस विशाल कार्यक्रम को सफल बनाने में किरणभाई मरलेसा (चाणोद) एवं भुपतभाई (भोपजी) ने दो दिनों तक अथक परिश्रम कर ऐतिहासिक योगदान दिया।
आत्म-वल्लभ ज्ञान मंदिर, नागेश्वर बिल्डिंग (नाकोड़ा हॉस्पिटल) के सचिव श्री विक्रम बाबूलाल राठौड़ (बाली) द्वारा दीक्षार्थी वैभवभाई का तिलक, माला, श्रीफल एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।


इस अवसर पर मीरा-भायंदर के लोकप्रिय विधायक श्री नरेन्द्रजी मेहता (देसुरी वाले) ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई एवं गुरुदेव से आशीर्वाद प्राप्त किया।
शुभ निश्रा एवं पावन उपस्थिति
इस पावन आयोजन की शुभ निश्रा
श्री आत्म-वल्लभ–समुद्र–इन्द्रदिन्न–रत्नाकरसूरि समुदाय के क्रमिक पट्टधर एवं वर्तमान गच्छाधिपति
श्रुत भास्कर आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय धर्मधुरंधर सूरिश्वरजी महाराज साहेब के सान्निध्य में सम्पन्न हुई।
साथ ही निम्न संत-महापुरुषों की गरिमामयी उपस्थिति रही—
- गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद् विजय सोमसुंदर सूरिश्वरजी महाराज साहेब
- आचार्य श्रीमद् विजय चन्द्रानन्दसागरसूरिश्वरजी महाराज साहेब
- पू. श्रमण गणनायक आ. श्री रश्मिरत्न सूरिश्वरजी म.सा.
- प.पू. प्रवचन प्रभावक पंन्यास प्रवर श्री चारित्ररत्नविजयजी
- प.पू. अध्यात्मयोगी आचार्य श्री कलापूर्णसूरि समुदाय के
मुनिराज श्री पद्मकलश विजयजी म.सा.,
मुनिराज श्री मुक्तिनिलय विजयजी म.सा. - भायंदर में बिराजमान समस्त साधु-साध्वी वृंद
शोभायात्रा मार्ग
प्रातः 8:30 बजे
बावन जिनालय जैन मंदिर, भायंदर (पश्चिम) से प्रारंभ होकर
अग्रवाल ग्राउंड, तेरापंथ भवन के पास,
मांडवी तलाव रोड, भायंदर (पश्चिम)
पर शोभायात्रा का समापन हुआ, जहाँ गुणानुवाद सभा आयोजित की गई।
गुरु भगवंतों के प्रवचन के पश्चात स्वामीवात्सल्य का आयोजन सम्पन्न हुआ।
गच्छ, पंथ, संप्रदाय एवं समुदाय के भेद से ऊपर उठकर सभी जिनशासन अनुरागियों ने इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता कर इसे स्मरणीय बनाया।
निवेदक
आत्म-वल्लभ गुणानुरागीगण
जैनम् जयति शासनम् 🙏













