ना बस ना घोड़ा, तालाब में सजी नावों संग चली बरात

भीलवाड़ा जिले के गंगापुर क्षेत्र के लाखोला गांव में गुरुवार को शादी को यादगार बनाने के लिए अनूठी पहल की जहां बाराती गांव के पास स्थित तालाब में नाव में बैठकर दुल्हे की शादी को यादगार बनाया।शादियों के सीजन में हर कोई दुल्हा-दुल्हन अपनी शादी को यादगार बनाने का ख्याल मन में रखता है इसको लेकर कोई हेलीकॉप्टर का जुगाड़ करता है तो कोई अनूठा तरीका अपनाते हुए बारात को बैल-गाड़ियों के माध्यम से ले जाकर एक अनूठी पहचान देने की कोशिश करते हैं लेकिन इसमें अब एक ओर समय के साथ नवाचार शादियों के सीजन में हुआ है।

जहां भीलवाड़ा जिले के गंगापुर कस्बे से 5 किलोमीटर दूर लाखोला गांव से एक जाट परिवार में दूल्हा जगदीश जाट पुत्र मांगी लाल जाट पलाया परिवार के शादी का आयोजन हुआ जहां पर लाखोला गांव से 3 किलोमीटर दूर ही बघेरा गांव में बारात गई दुल्हे के लाखोला गांव से बघेरा गांव तक तीन किलोमीटर जाने के लिए कई रास्ते हैं लेकिन दूल्हे के परिवार वालों ने इस शादी को विशेष तौर पर यादगार बनाने के लिए तैयारी शुरू की और उन्होंने लाखोला गांव के तालाब में आधा दर्जन से अधिक नावों को गुब्बारों से सजाया जहा बाराती दूल्हे के साथ लाखोला गांव से ढोल-नगाड़ों से नाचते-गाते तालाब के पास पहुंचे और सभी बाराती तालाब में तेर रही नावो में बैठकर फोटो सेशन करवाते हुए बघेरा गांव पहुंचे ओर दूल्हे ने अपनी शादी की बारात ले जाने को यादगार बनाया।जिन लोगो ने इस बारात के नजारे को देखा तो वह गये।तालाब में नावों से गई इस बारात की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है।राजसमंद से हस्ती मल साहू की स्पेशल रिपोर्ट













