पीएम श्री बालिका विद्यालय सादड़ी में परिंडे और चुग्गा पात्र वितरित: जीवदया की मिसाल बनी एक प्रेरणादायी पहल

सादड़ी। स्थानीय पीएम श्री धनराज बदामिया राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, सादड़ी में आज एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पक्षियों की सेवा के उद्देश्य से विद्यालय स्टाफ और छात्राओं को परिंडे (पानी के बर्तन) एवं चुग्गा पात्र (दाना पात्र) वितरित किए गए।
यह आयोजन फूल माली युवा फाउंडेशन, मुंबई के सौजन्य से तथा यूथ एवं ईको क्लब के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय के प्रधानाचार्य विजय सिंह माली ने किया, जिन्होंने उपस्थित सभी लोगों को जीवदया (निर्दोष जीवों पर दया) के महत्व से अवगत करवाया।

जीवदया का संदेश और प्रेरणास्पद विचार
कार्यक्रम की शुरुआत में यूथ एवं ईको क्लब प्रभारी सरस्वती पालीवाल ने इस सेवा कार्य की जानकारी देते हुए बताया कि गर्मियों में बेजुबान पक्षियों को राहत देने के लिए यह पहल की गई है। इसके बाद प्रधानाचार्य विजय सिंह माली ने अपने संबोधन में कहा कि –
“प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति करुणा मानवता का मूल आधार है। प्रत्येक विद्यार्थी को चाहिए कि वह अपने घर, आंगन, या विद्यालय परिसर में परिंडे और चुग्गा पात्र लगाकर नियमित रूप से दाना-पानी डालने की आदत विकसित करे।”
व्याख्याता कन्हैयालाल ने भी इस अवसर पर फूल माली युवा फाउंडेशन के इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए इसे अनुकरणीय एवं अभिनंदनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्य न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि विद्यार्थियों के नैतिक और सामाजिक विकास के लिए भी प्रेरक है।
गाइड्स और जीवों के प्रति मित्रता
- कविता कंवर ने अपने वक्तव्य में कहा –
“गाइड्स का उद्देश्य न केवल समाज सेवा करना है, बल्कि पशु-पक्षियों के प्रति भी संवेदनशीलता दिखाना है। यदि हम परिंडे व चुग्गा पात्र लगाते हैं, तो यह हमारी मित्रता और सेवा भावना का परिचायक होगा।”
कार्यक्रम में मधु गोस्वामी और मनीषा ओझा ने भी अपने विचार रखे और सभी छात्राओं को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। मंच संचालन प्रकाश कुमार शिशोदिया द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया।
उपस्थिति और सहयोग
इस अवसर पर विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्यों में स्नेहलता गोस्वामी, महावीर प्रसाद, रमेश सिंह राजपुरोहित, सुशीला सोनी, मनीषा सोलंकी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे और सभी ने इस नेक कार्य की सराहना की।
प्रशासन की पहल, समाज का सहयोग
गौरतलब है कि यह सेवा कार्य पाली जिला कलेक्टर की प्रेरणा से किया गया है, जिसके अंतर्गत फूल माली युवा फाउंडेशन, मुंबई सहित कई स्वयंसेवी संस्थाएं विद्यालयों के माध्यम से पक्षियों के संरक्षण हेतु कार्य कर रही हैं। यह अभियान न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ा रहा है, बल्कि बच्चों में सेवा और संवेदनशीलता की भावना भी विकसित कर रहा है।
यह आयोजन न केवल विद्यालय स्तर पर एक सकारात्मक पहल है, बल्कि समाज के समस्त वर्गों को यह संदेश देता है कि जीवों की सेवा सबसे बड़ा धर्म है। गर्मी के इस मौसम में इस प्रकार की पहलें निःसंदेह प्राकृतिक संतुलन और मानवीयता की दिशा में एक मजबूत कदम हैं।











