फालना स्टेशन पर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की तिमाही बैठक आयोजित
राजभाषा नियमों के प्रभावी अनुपालन पर विस्तृत चर्चा, सुधारात्मक उपायों पर जोर

फालना (राजस्थान)। स्टेशन राजभाषा कार्यान्वयन समिति, फालना की तिमाही बैठक का आयोजन स्टेशन अधीक्षक श्री श्याम लाल मीना की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। बैठक में स्टेशन अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रमुख एवं उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य फालना स्टेशन स्थित विभिन्न कार्यालयों में राजभाषा के प्रयोग एवं प्रगति की समीक्षा करना था।
बैठक के दौरान दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही (01 अक्टूबर 2025 से 31 दिसंबर 2025) की अवधि में राजभाषा हिंदी के प्रयोग, पत्राचार, अभिलेखों के संधारण तथा अन्य शासकीय कार्यों में हिंदी के उपयोग की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। स्टेशन अधीक्षक श्री श्याम लाल मीना ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए बैठक की कार्यसूची की विभिन्न मदों पर क्रमवार विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि राजभाषा हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग केवल नियमों का पालन ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यों को जन-सुलभ एवं प्रभावी बनाने का माध्यम भी है।
मंडल कार्यालय से पधारे वरिष्ठ अनुवादक श्री मुकेश कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए राजभाषा नियमों के अनुपालन के लिए आवश्यक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यालयीन पत्राचार, नोटिंग, प्रतिवेदन तथा अन्य दस्तावेजों में हिंदी का निर्धारित अनुपात सुनिश्चित करना अनिवार्य है। साथ ही उन्होंने राजभाषा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित निरीक्षण, कर्मचारियों को प्रशिक्षण तथा हिंदी में कार्य करने के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने पर बल दिया।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने अपने-अपने कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन के दौरान आने वाली समस्याओं एवं चुनौतियों को साझा किया। इनमें तकनीकी शब्दावली की कठिनाई, समयाभाव तथा कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में बदलाव जैसी बातें प्रमुख रहीं। इन समस्याओं के समाधान हेतु सुझाव दिए गए कि समय-समय पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए, सरल हिंदी शब्दावली उपलब्ध कराई जाए तथा राजभाषा कार्य से जुड़े कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाए।
बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि आगामी तिमाही में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाएगी। समिति ने यह भी निर्णय लिया कि राजभाषा संबंधी गतिविधियों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।













