बनेड़ा में राजीविका की महिलाओं ने मनाई बडी तीज, मेहंदी रचाकर खुब झुला झुले

- बनेड़ा
बनेड़ा में तीज बड़ी धुमधाम से मनाई गई तीज, जिसे कजरी तीज भी कहा जाता है
कजरी तीज राजस्थान में एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन की याद में मनाया जाता है। यह त्योहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है।
बनेड़ा में तीज का महत्व:
पारंपरिक उत्सव :
बनेड़ा में तीज का त्योहार पारंपरिक तरीके से मनाया जाता है, जिसमें महिलाएं व्रत रखती हैं, सोलह श्रृंगार करती हैं, मेहंदी लगाती हैं और भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।
पारिवारिक खुशहाली की कामना:
तीज के दिन, महिलाएं अपने पति और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करती हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम :
तीज के अवसर पर बनेड़ा में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं, जिसमें पारंपरिक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए जाते हैं।

पारंपरिक व्यंजन :
तीज के त्योहार में घेवर, मालपुआ, गुजिया, खीर और श्रीखंड जैसी पारंपरिक मिठाइयां बनाई जाती हैं।
तीज का महत्व:
विवाहित महिलाओं के लिए:
तीज का त्योहार विवाहित महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, जो अपने पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं।
पौराणिक कथा:
तीज की कथा माता पार्वती और भगवान शिव के मिलन से जुड़ी है, जिन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी।
समर्पण का प्रतीक:
तीज का त्योहार माता पार्वती के भगवान शिव के प्रति अटूट प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। इस अवसर पर राजीविका क्लस्टर बनेड़ा में महिलाओं ने मेहंदी लगाकर ,व झुला झुलकर तीज मनाई।
















