भीलवाड़ा में आस्था का महासागर: 2100 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा, आज से शुरू होगी पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा

- महेश पुरी | लूनिया टाइम्स न्यूज़
भीलवाड़ा। धर्मनगरी भीलवाड़ा इन दिनों पूरी तरह शिवमय हो चुकी है। पहली बार आयोजित हो रही सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा को लेकर शहर में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति अपने चरम पर है। प्रख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से कथा का शुभारंभ आज 8 अप्रैल से न्यू आजादनगर स्थित मेडिसिटी ग्राउंड में होगा।
2100 महिलाओं की कलश यात्रा बनी आकर्षण का केंद्र
कथा से पूर्व मंगलवार शाम शहर में भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें 2100 महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी मातृशक्ति की लंबी कतारों ने पूरे शहर को भक्ति रंग में रंग दिया। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और शिव भजनों की मधुर ध्वनि के बीच निकली यह यात्रा जहां से गुजरी, वहां का वातावरण भक्तिमय हो गया।

संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति
शोभायात्रा में महंत बाबूगिरी महाराज के सानिध्य में कई संतों ने भाग लिया। निम्बार्क आश्रम के महंत मोहनशरण शास्त्री, संतदास महाराज, संत गोविंदराम और संत मायाराम की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। बग्गी में सजी राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रही।
शहरभर में हुआ भव्य स्वागत
राजेंद्र मार्ग से शुरू हुई यह शोभायात्रा लक्ष्मीनारायण मंदिर मार्ग, मुरली विलास रोड, अम्बेडकर सर्किल, गोल प्याऊ चौराहा, बालाजी मार्केट और सूचना केंद्र होते हुए पुनः प्रारंभ स्थल पर सम्पन्न हुई। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया।
पंडित प्रदीप मिश्रा का हुआ भव्य अभिनंदन
भीलवाड़ा पहुंचने पर पंडित प्रदीप मिश्रा का आयोजन समिति द्वारा भव्य स्वागत किया गया। अशोक कोठारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया। “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
11 लाख वर्ग फीट में तैयार विशाल पांडाल
मेडिसिटी ग्राउंड पर करीब 11 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में विशाल पांडाल तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं के लिए कूलर, पंखे, पेयजल, मेडिकल टीम और एम्बुलेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। साथ ही लगभग 250 अस्थायी शौचालय भी बनाए गए हैं।
रोजाना 20 हजार श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पन्नाधाय सर्किल के पास विशाल भोजनशाला में प्रतिदिन 20 हजार लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाएगा।
प्रशासन और समिति की अपील
आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे समय से पहले पहुंचे, प्लास्टिक/डिस्पोजेबल का उपयोग न करें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक आयोजित होगी।
लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना
आयोजन को लेकर अनुमान है कि आने वाले सात दिनों में लाखों श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए भीलवाड़ा पहुंचेंगे, जिससे यह आयोजन शहर के इतिहास के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल हो सकता है।













