बाली में भामाशाह का सराहनीय सहयोग: सार्वजनिक स्थलों पर लगाई गई 10 ईको-फ्रेंडली बेंचें

- लुनिया टाइम्स न्यूज | बाली
- jagdish singh
बाली शहर में सामाजिक सरोकार और पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। भामाशाह के सहयोग से शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर 10 नई बेंचें स्थापित की गई हैं, जिससे आमजन को बैठने की सुविधा मिलने के साथ-साथ स्वच्छता और जागरूकता का संदेश भी दिया गया है।
वेस्ट प्लास्टिक से बनी बेंचें, दिया पर्यावरण का संदेश
प्रवीण प्रजापति ने बताया कि यह पहल खिमेल निवासी डॉ. हँसमुख लाल कोठारी जैन के परिवार के सहयोग से संभव हुई है।
इन बेंचों की खास बात यह है कि ये वेस्ट प्लास्टिक से तैयार की गई हैं, जो “वेस्ट से बेस्ट” के सिद्धांत को साकार करती हैं।
इस पहल का उद्देश्य न केवल सुविधा देना है, बल्कि शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में लोगों को जागरूक करना भी है।
इन स्थानों पर लगाई गई बेंचें
शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों को ध्यान में रखते हुए बेंचों का चयन किया गया, जिनमें शामिल हैं—
- सरकारी अस्पताल परिसर
- सार्वजनिक बगीचे
- ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेंटर
- विभिन्न स्कूल परिसर
इन स्थानों पर आने वाले लोगों को अब आराम से बैठने की सुविधा मिल सकेगी।
पर्यावरण मिशन में जुटे सामाजिक कार्यकर्ता
इस अभियान को आगे बढ़ाने में अशोक मेहता और कानाराम मेवाड़ा (बिसलपुर) का भी विशेष योगदान रहा, जो णमोकार फाउंडेशन के माध्यम से प्लास्टिक मुक्त अभियान पर कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम में रही प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें—
- डॉ. भरत टेलर
- डॉ. हेमलता
- स्नेहा दीदी
- भरत पूरी
- मदन पूरी
- राहुल परमार
- सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
बाली में लगाई गई ये बेंचें सिर्फ बैठने की सुविधा नहीं, बल्कि एक सोच का प्रतीक हैं—जहां समाज, पर्यावरण और जनहित एक साथ जुड़ते हैं।
ऐसी पहलें यह साबित करती हैं कि यदि समाज आगे आए, तो छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं।













