माता सावित्रीबाई फुले जयंती पर शिक्षा और समानता का संदेश

नारी शिक्षा की ज्योति जलाने वाली, प्रथम भारतीय महिला शिक्षिका एवं महान समाज सुधारक माता सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती बनेड़ा में श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक चेतना के साथ मनाई गई। माली युवा सेवा संस्थान बनेड़ा के संयुक्त तत्वावधान में सावित्रीबाई फुले सब्जी मंडी परिसर में स्थापित प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जब समाज अंधविश्वास, कुरीतियों और रूढ़ियों में जकड़ा हुआ था, तब माता सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा को सामाजिक क्रांति का आधार बनाया। उन्होंने स्त्री शिक्षा, बालिका अधिकार, विधवा पुनर्विवाह और सामाजिक समानता के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी समाज को नई दिशा देने वाला है। अपने पति, महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर उन्होंने बालिकाओं के लिए विद्यालयों की स्थापना कर शिक्षा की अलख जगाई।

वक्ताओं ने कहा कि सावित्रीबाई फुले केवल एक शिक्षिका नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की प्रतीक थीं। उन्होंने छुआछूत, सती प्रथा, बाल विवाह जैसी अमानवीय कुरीतियों के विरुद्ध निर्भीक होकर आवाज उठाई और समाज को मानवता व समानता का पाठ पढ़ाया।
कार्यक्रम में माली (सैनी) समाज के प्रबुद्धजनों, युवाओं एवं महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही। उपस्थित ग्रामीणों ने उनके आदर्शों को आत्मसात कर शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पूरा वातावरण “शिक्षा से सशक्त समाज” और “नारी सम्मान” के संदेश से ओत-प्रोत नजर आया। कार्यक्रम के दौरान माली समाज तहसील अध्यक्ष भैरु गढ़वाल, सुरेश माली नगर अध्यक्ष माली समाज, भाजपा मंडल महामंत्री राजमल माली, पूर्व सरपंच सम्पत माली, पूर्व उप सरपंच देबी लाल माली,, कैलाश माली, कैलाश कच्छावा ,डालु माली,शंकर माली,बाबु माली,दिनेश डांगी,राजु डांगी,किशन माली, प्यार चंद तेली,रोशन, सांवरा माली जानकी लाल राजु माली जोनु गोविन्द, नंदलाल बाबूलाल, राकेश माली सहित समाजजन व ग्रामीण जन उपस्थित रहे।














