मुंबई जैन मंदिर चोरी मामला: 48 घंटे में खुलासा, शातिर आरोपी गिरफ्तार

मुंबई के कालाचौकी क्षेत्र में स्थित एक जैन मंदिर में 30 मार्च 2026 की तड़के बड़ी चोरी की वारदात सामने आई। करी रोड स्थित अविघ्न पार्क परिसर में बने इस मंदिर में अज्ञात व्यक्ति ने घुसकर भगवान की मूर्ति पर चढ़े सोने के आभूषण और हीरे जड़ी सामग्री चुरा ली। चोरी की कुल कीमत लगभग ₹1 करोड़ 75 लाख आंकी गई। सुबह मंदिर खुलने पर पुजारी और प्रबंधन को घटना का पता चला, जिसके बाद तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस कार्रवाई और प्रारंभिक जांच
मामला दर्ज होते ही कालाचौकी पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस उपायुक्त (परिमंडल 4) के निर्देश पर कई विशेष टीमें बनाई गईं। जांच का पहला चरण घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच से शुरू हुआ। करीब 200 से 300 कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिससे आरोपी की गतिविधियों और भागने के रास्ते का पता चला।
तकनीकी जांच से मिला बड़ा सुराग
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी घटना के बाद एक होटल में ठहरा था, जहां उसने ऑनलाइन भुगतान किया था। इसी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के आधार पर पुलिस को उसका मोबाइल नंबर मिला। इसके बाद कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपी की लोकेशन मध्य प्रदेश में ट्रेस की गई।
हालांकि पुलिस की गतिविधियों की भनक लगते ही आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया, जिससे उसकी लोकेशन ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण हो गया।

परिवार से पूछताछ और नेपाल भागने की योजना
आरोपी की अंतिम लोकेशन के आधार पर पुलिस ने उसकी बहन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभ में उसने कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन विश्वास में लेकर पूछताछ करने पर यह सामने आया कि आरोपी चोरी का माल लेकर नेपाल भागने की योजना बना रहा है।
इस जानकारी के बाद पुलिस ने संभावित बस रूट्स और सीमा की ओर जाने वाले मार्गों पर नजर रखना शुरू किया।
मध्य प्रदेश में दबिश और गिरफ्तारी
पुलिस की टीमों को मध्य प्रदेश भेजा गया, जहां लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसी दौरान सूचना मिली कि आरोपी अपने एक रिश्तेदार के घर में छिपा हुआ है। जब पुलिस वहां पहुंची, तो आरोपी छत पर छिपा हुआ था और भागने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के समय उसके पास से चोरी का सामान और घटना के समय पहने गए कपड़े भी बरामद किए गए।
आरोपी की पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जितेंद्र उर्फ जितन उर्फ बंटी उर्फ पंडित के रूप में हुई है, जो चंबल क्षेत्र का रहने वाला है। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश के विभिन्न थानों में पहले से ही हत्या के प्रयास, डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे कुल 18 गंभीर मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि वह पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और पुलिस के रिकॉर्ड में एक शातिर अपराधी के रूप में दर्ज है।
चोरी का माल बरामद
पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी किए गए लगभग सभी कीमती सामान बरामद कर लिए हैं। इनमें सोने के आभूषण और हीरे जड़ा टीका शामिल है। इससे मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली है।
पुलिस की रणनीति और सफलता
इस पूरे मामले में पुलिस ने तकनीकी और पारंपरिक जांच का संयोजन किया। सीसीटीवी विश्लेषण, मोबाइल डेटा ट्रैकिंग, और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के प्रयासों ने मिलकर इस केस को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महज 48 घंटे में आरोपी की गिरफ्तारी और चोरी का माल बरामद होना पुलिस की तेज और प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
मुंबई जैन मंदिर चोरी मामला यह दिखाता है कि सुनियोजित अपराध भी आधुनिक तकनीक और सतर्क पुलिसिंग के सामने ज्यादा समय तक छिप नहीं सकता। इस घटना में जहां आरोपी ने पहले से योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया, वहीं पुलिस ने तेजी और सटीकता के साथ कार्रवाई कर मामले का खुलासा कर दिया।
















