राजस्थान में लॉरेंस-बिश्नोई गैंग का बड़ा रंगदारी नेटवर्क बेनकाब, 91 लाख रुपये नकद जब्त

श्रीगंगानगर, राजस्थान
राजस्थान पुलिस ने कुख्यात लॉरेंस-बिश्नोई गैंग के रंगदारी और अवैध धन वसूली के नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर इलाके में मुक़ाबला / नाकेबंदी के दौरान एक कार रोककर करीब ₹91 लाख नकद बरामद किया गया है। मौके पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।
पुलिस के अनुसार यह रकम जोधपुर से लाई जा रही थी और यह रंगदारी वसूलने तथा गैंग के अन्य अवैध कामों में उपयोग की जानी थी। गौण आरोपी सफेद इनोवा कार में सवार थे और उनमें से किसी के पास इस भारी धनराशि का संतोषजनक जवाब नहीं था। शुरुआती जांच से पता चला है कि उन्हें भुगतान दूसरे बड़े गैंग सदस्य के निर्देश पर करना था और रकम आगे पंजाब तक भेजी जाने वाली थी।
जाँच अधिकारियों ने यह भी बताया है कि लॉरेंस-बिश्नोई गैंग अब सिर्फ शूटर्स या छोटे अपराधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके वित्तीय नेटवर्क और फंड ट्रेल को भी ट्रैक किया जा रहा है, जो कि अब तक की कार्रवाई में पहली बार सफल हुआ है। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क व्यापारियों और कारोबारियों से लगातार धमकियों और रंगदारी के रूप में करोड़ों रुपये वसूल रहा था।

एसपी डॉ. अमृता दुहन ने कहा कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के माध्यम से गैंग के बड़े सदस्य और वित्तीय चैनलों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई को राजस्थान पुलिस की आपराधिक वित्तीय संरचना पर पहली बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है। विशेष टीम बनाई गई है ताकि संपूर्ण नेटवर्क और उसके अन्य कनेक्शनों का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने बताया कि आगे की पूछताछ और गहन जांच के लिए आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है। उम्मीद है कि इससे गैंग के अन्य भागीदारों और धन के प्रवाह के मार्गों के बारे में और भी महत्वपूर्ण सुराग मिलेंगे।













