राज्य निर्वाचन आयोग ने सरपंच व पंच प्रतिक चिन्ह आवंटन की अधिसूचना जारी की

जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायत राज विभाग के चुनाव की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने संभावित दिसंबर-जनवरी 2025 में होने वाले सरपंच एवं पंच पदों के चुनावों को लेकर एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के तहत आयोग ने पंच व सरपंच पद हेतु प्रत्याशियों को आवंटित किए जाने वाले चुनाव प्रतीकों की सूची को अधिसूचित किया है।
ग्राम पंचायत चुनाव: जानिए पंच और सरपंच के पद चिह्न
राजस्थान समेत देश के विभिन्न राज्यों में ग्राम पंचायत चुनावों का दौर एक बार फिर जोरों पर है। इस चुनावी प्रक्रिया में पंच और सरपंच दो प्रमुख पद होते हैं, जिनके लिए गांव के नागरिक मतदान करते हैं। मतदान प्रक्रिया के दौरान इन पदों के प्रत्याशियों को अलग-अलग चुनाव चिन्ह (Symbols) आवंटित किए जाते हैं ताकि मतदाता ईवीएम या बैलेट पेपर पर इन्हें पहचान सकें।
यह अधिसूचना राजस्थान पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 29(3) तथा सपठित नियम 56 के अंतर्गत जारी की गई है। इसके तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि प्रत्येक प्रत्याशी को विनिर्दिष्ट प्रतीकों की सूची में से एक प्रतीक आवंटित किया जाएगा।
पुरानी अधिसूचनाएं अब निरस्त
इस नई व्यवस्था के अंतर्गत आयोग ने पूर्व में जारी चिन्हों की अधिसूचना क्रमांक:
प.4(5)(1)/पंचा/रानिआ/2019/1434 दिनांक 26.04.2019
क्रमांक 5371 दिनांक 25.11.2019
क्रमांक 5672 दिनांक 04.12.2019
को निरस्त कर दिया है। अब उम्मीदवारों को नीचे दी गई सारणी में दर्शाए गए प्रतीकों में से एक दिया जाएगा।
पंच व सरपंच पद हेतु निर्वाचन प्रतीक चिन्ह (Election Symbols Table)
नीचे दी गई आकर्षक टेबल में हमने पंच और सरपंच पद के लिए निर्धारित किए गए विभिन्न चुनाव चिन्हों को दर्शाया है:
| क्रमांक | 🗳️ पंच पद प्रतीक चिन्ह | 🗳️ सरपंच पद प्रतीक चिन्ह |
|---|---|---|
| 1 | प्रेस | अलमारी |
| 2 | स्लेट | चप्पलें |
| 3 | कटहल | सेब |
| 4 | जुराबें | कोट |
| 5 | केतली | गुब्बारा |
| 6 | सोफा | चारपाई |
| 7 | भिंडी | चूड़ियाँ |
| 8 | स्पैनर | दरवाजे का हैंडल |
| 9 | लेडी पर्स | मोतियों का हार |
| 10 | स्टूल | कूड़ादान |
| 11 | कुंडी | बेंच |
| 12 | झूला | कान की बालियाँ |
| 13 | लैटर बॉक्स | आदमी व पाल युक्त नौका |
| 14 | सिरिंज | बिजली का खंभा |
| 15 | माचिस की डिब्बी | बक्सा |
| 16 | मेज | बाँसुरी |
| 17 | माइक | ईंटें |
| 18 | टेंट | फ्रॉक |
| 19 | कड़ाही | बाल्टी |
| 20 | टीलर | फ्राइंग पैन |
| 21 | नाशपाती | कैन |
| 22 | चिमटा | कीप |
| 23 | मटर | शिमला मिर्च |
| 24 | दांत ब्रश | गैस सिलेंडर |
| 25 | मूसल और खरल | फूलगोभी |
| 26 | — | गैस का चूल्हा |
| 27 | पेट्रोल पंप | जंजीर |
| 28 | ट्रक | अदरक |
| 29 | करनी | चक्की |
| 30 | टायर | काँच का गिलास |
| 31 | हांडी | अंगूर |
| 32 | छड़ी | आरी |
| 33 | प्रेशर कुकर | हरी मिर्च |
| 34 | दीवार खूंटी | स्कूल का बस्ता |
| 35 | रेजर | हाथ गाड़ी |
| 36 | अखरोट | कैंची |
| 37 | अंगूठी | हारमोनियम |
| 38 | तरबूज | सिलाई मशीन |
| 39 | रोड रोलर | आइस क्रीम |
| 40 | पानी का टैंक | जूता |
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित यह नई प्रतीक चिन्ह व्यवस्था पंचायती राज चुनावों को अधिक पारदर्शी और समानता आधारित बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। निर्दलीय और दलगत दोनों ही प्रत्याशी इन प्रतीकों का प्रयोग कर सकेंगे। अब गांवों के चौपालों से लेकर पंचायतों तक, हर जगह चुनावी चर्चाओं में ये नए प्रतीक छाए रहेंगे।













