विद्या भारती की वार्षिक पत्रकार वार्ता 2025: मूल्य-आधारित और समावेशी शिक्षा से राष्ट्र निर्माण

देश का सबसे बड़ा शैक्षिक आंदोलन
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान ने नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में अपनी वार्षिक राष्ट्रीय प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान डॉ. रविंद्र कान्हेरे ने बताया कि विद्या भारती वर्तमान में 684 जिलों में 12,118 विद्यालयों और 8,000+ अनौपचारिक शिक्षा केंद्रों का संचालन कर रही है। इसमें 35.33 लाख विद्यार्थी और 1.53 लाख शिक्षक सक्रिय हैं।

विश्व का सबसे बड़ा पूर्व छात्र नेटवर्क
विद्या भारती के 10.30 लाख से अधिक पूर्व छात्र पोर्टल पर पंजीकृत हैं, जो 87 देशों में सेवा दे रहे हैं।
आधुनिक तकनीक से जुड़ी भारतीय शिक्षा
- 507+ स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स
- AI-सक्षम लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म
- NEP 2020 के अनुरूप डिजिटल क्लासरूम
दुर्गम क्षेत्रों में कौशल विकास
लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और नागालैंड जैसे दुर्गम क्षेत्रों में ITI, स्किल हब और जन शिक्षण संस्थानों की स्थापना की गई है।
UPSC में शानदार प्रदर्शन
इस वर्ष UPSC में विद्या भारती के 27 से अधिक पूर्व छात्रों ने सफलता प्राप्त की। टॉप 50 में शामिल हैं:
- प्रकाश यादव (प्रयागराज)
- विभोर सारस्वत (बुलंदशहर)
- ऋषभ चौधरी (गरोठ, म.प्र.)
विजन 2047 और पंच परिवर्तन
- सामाजिक समरसता: सभी वर्गों के लिए समावेशी शिक्षा।
- कुटुंब प्रबोधन: माता-पिता पूजन, परिवार मूल्यों पर बल।
- पर्यावरण संरक्षण: 5.2 लाख पौधारोपण, 3,408 पॉलीथीन-मुक्त स्कूल परिसर।
- नागरिक कर्तव्य बोध: संविधान और नैतिक जिम्मेदारियों का पालन।
- स्व: भारतीय भाषाएं, संस्कृत, स्किल हब और आत्मनिर्भरता।
बालिका शिक्षा और नारी सशक्तिकरण
विद्या भारती के 34.75 लाख छात्रों में से 14.41 लाख बालिकाएं हैं। माँ-बेटी संवाद, किशोरी परामर्श और आत्मरक्षा प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों से नारी सम्मान को बढ़ावा दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय एकात्मता और नवाचार
गणित ओलंपियाड, विज्ञान मेला, वैदिक गणित, खेल प्रतियोगिताएं – सभी कार्यक्रम नवाचार और एकता को बढ़ावा देते हैं।












