शाहपुर ‘छ गांव’ भावयात्रा प्रवास हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न

भायंदर पश्चिम| श्री शत्रुंजय तीर्थ धाम भुवनभानु मानस मंदिर, शाहपुर (आसनगांव) में श्री जैन एलर्ट ग्रुप भायंदर के तत्वावधान में ‘छ गांव’ भावयात्रा प्रवास श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। यात्रा के लिए 10 एसी बसों का प्रबंध किया गया। सुबह 6:30 बजे भायंदर से प्रस्थान कर यात्रियों का दल लगभग 9:00 बजे शाहपुर स्थित तीर्थधाम पहुंचा, जहां से भावयात्रा का शुभारंभ हुआ।
यात्रियों ने विधि-विधान से चैत्यवंदन करते हुए यात्रा आगे बढ़ाई और अंत में क्षेत्रपाल के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने क्षेत्रपाल विराजित वृक्ष पर नारियल बांधकर प्रार्थना की। शाम का चौविहार महावीर धाम, शिरसाड नेशनल हाईवे पर सम्पन्न हुआ। इसके बाद सायंकालीन भक्ति का आयोजन हुआ, जिसमें संगीतकार जीगी भाई एंड पार्टी ने भक्ति प्रस्तुति दी। लाभार्थी परिवार का सम्मान किया गया तथा लकी ड्रॉ भी निकाले गए। रात 10:00 बजे यात्रा महावीर धाम से पुनः भायंदर के लिए रवाना हुई।
फागण की फेरी में प्रमुख दर्शन स्थल
दादा के दरबार से रामपोल द्वार होकर ‘छ गांव’ यात्रा प्रारंभ होती है। इस दौरान पांच मुख्य दर्शन स्थलों पर चैत्यवंदन का विशेष महत्व बताया गया:
- कृष्ण महाराज के छह भाइयों का मंदिर
यात्रा शुरू होने के बाद लगभग 100 सीढ़ियों पर देवकी माता के छह पुत्रों का समाधि मंदिर आता है, जहां उनके मोक्ष प्राप्ति का वर्णन मिलता है। - उलखा जल
यह वह स्थल माना जाता है जहां दादा का पक्षाल हुआ था। यहां आदिनाथ भगवान के पगले स्थित हैं। - चंदन तलावड़ी
यहां अजितनाथ और शांतिनाथ भगवान के पगले हैं। परंपरा अनुसार यहां ‘अजितशांति’ बोलते हुए नौ लोगस का काउस्सग किया जाता है। यदि लोगस याद न हो तो 36 नवकार मंत्र जाप का विधान बताया गया है। - भाडवा का डुंगर
यहां शाम्ब-प्रद्युम्न की देरी (मंदिर) स्थित है। मान्यता है कि इसी दिन वे साढ़े आठ करोड़ मुनियों के साथ मोक्ष गए थे। यहां भी चैत्यवंदन किया जाता है। - सिद्ध वड मंदिर
पालके के अंदर स्थित इस मंदिर में आदिनाथ भगवान के दर्शन होते हैं।
इसके अतिरिक्त जयतलेटी, शांतिनाथ, रायण पगला, आदिनाथ दादा और पुंडरीक स्वामी के स्थलों पर भी चैत्यवंदन का विधान बताया गया। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि यात्रा सदैव विधि-विधान और श्रद्धा के साथ करें। फागुनी तेरस के इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।













