सहाड़ा में सरकारी चारागाह पर खुला कब्जा! पंचायत से 100 मीटर दूर जमीन घिरी, राजस्व प्रकरण 4890/2241 दर्ज फिर भी प्रशासन बेखबर या मिलीभगत?

प्रभु लाल लोहार
सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र के नांदशा ग्राम पंचायत में सरकारी चारागाह भूमि पर अवैध अतिक्रमण का मामला गंभीर होता जा रहा है। जिस चारागाह भूमि पर कब्जा किया गया है, वह ग्राम पंचायत से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। पंचायत के इतने नजदीक सरकारी जमीन पर खंभे गाड़कर कब्जा कर लिया गया, लेकिन संबंधित अधिकारी अब तक मौन बने हुए हैं।
राजस्व प्रकरण दर्ज, फिर भी अतिक्रमण बरकरार
इस पूरे मामले में राजस्व प्रकरण संख्या 4890/2241 दर्ज है। इसके बावजूद मौके से अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब राजस्व रिकॉर्ड में प्रकरण दर्ज है, तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है? इससे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पंचायत के पास ही कब्जा, जिम्मेदार चुप
ग्रामीणों के अनुसार चारागाह भूमि पशुओं की चराई के लिए आरक्षित है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा इस जमीन पर अवैध रूप से खंभे लगाकर स्थायी कब्जे की तैयारी की जा रही है। पंचायत भवन से महज 100 मीटर दूर हो रहे इस अतिक्रमण पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कई शिकायतें, परिणाम शून्य
ग्रामीणों ने पंचायत, पटवारी और राजस्व अधिकारियों को कई बार शिकायत दी। राज्य सरकार की जनसुनवाई हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज करवाई गई। इसके बावजूद न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही कोई सख्त कदम उठाया गया।
मिलीभगत के आरोप से मामला गरमाया
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पूरे मामले में पूर्व सरपंच और संबंधित पटवारी की मिलीभगत से सरकारी चारागाह भूमि पर कब्जा करवाया गया है। पंचायत के नजदीक ही कब्जा होना और कार्रवाई का अभाव इन आरोपों को और बल दे रहा है।
पशुपालकों की आजीविका पर संकट
चारागाह भूमि पर अतिक्रमण से गांव के पशुपालकों के सामने चराई और चारे की समस्या खड़ी हो गई है। पहले से सीमित चारागाह क्षेत्र होने के कारण पशुपालकों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
आंदोलन की चेतावनी
गांव में बढ़ते आक्रोश के बीच ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया, तो वे तहसील और जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच, तत्काल अतिक्रमण हटाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।











