सुलवाड़ा नवगठित पंचायत की मतदाता सूची पर विवाद, ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

सुलवाड़ा नवगठित पंचायत की मतदाता सूची पर विवाद
ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
:contentReference[oaicite:2]{index=2} नवगठित ग्राम पंचायत में वार्डबंदी और मतदाता सूची के गठन को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। शुक्रवार को सुलवाड़ा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण आसींद उपखंड कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन कर उपखंड अधिकारी (SDO) परमजीत सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए वर्तमान मतदाता सूची को निरस्त करने की मांग की।
प्रमुख आपत्तियां
- मनमाने ढंग से सूची तैयार करने का आरोप: ग्रामीणों का कहना है कि तैयार की गई मतदाता सूची वास्तविक भौगोलिक स्थिति से मेल नहीं खाती।
- वार्डों में गड़बड़ी: कई मतदाताओं को उनके वास्तविक वार्ड के बजाय अन्य वार्डों में जोड़ दिया गया है, जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
- पारदर्शिता का अभाव: सूची निर्माण के दौरान ग्रामीणों को विश्वास में नहीं लिया गया और न ही पर्याप्त सार्वजनिक सूचना जारी की गई।
- पुनर्गठन की मांग: प्रत्येक वार्ड की भौगोलिक स्थिति के अनुसार पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर नई मतदाता सूची तैयार करने की मांग की गई है।
“जिस तरह से मतदाता सूची बनाई गई है, वह सरासर गलत है। हम चाहते हैं कि प्रशासन नियमों के तहत हर वार्ड की सूची का पुनर्गठन करे ताकि भविष्य में ग्रामीणों को परेशानी न हो।”
— ग्रामीण प्रतिनिधि
ज्ञापन देने के दौरान सुलवाड़ा सहित क्षेत्र के खातोला, दूधिया और हाथीसर गांवों के कई प्रमुख ग्रामीण एवं युवा मौजूद रहे।
उपखंड अधिकारी परमजीत सिंह ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और नियमानुसार मामले की जांच करवाकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।











