स्वच्छता हमारे जीवन को स्वस्थ और सुखी बनाती है : भायंदर रेलवे स्टेशन पर विशेष कार्यक्रम

भायंदर। पश्चिम रेलवे द्वारा भायंदर रेलवे स्टेशन पर आयोजित “स्वच्छता ही सेवा है” कार्यक्रम में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर स्वच्छता के महत्व पर नाटक, विचार-विमर्श और जागरूकता गतिविधियां प्रस्तुत की गईं।
प्राचार्या अंजू सिंह का संदेश
एस. एल. पोरवाल इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्राचार्या अंजू सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा—
“स्वच्छता हमारे जीवन को न केवल स्वस्थ बनाती है, बल्कि हमें सुखी और तनावमुक्त भी रखती है। यह हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक जीवन को भी संतुलित करती है।”
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किया नाटक
स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वच्छता पर आधारित एक प्रेरणादायक नाटक प्रस्तुत किया। इसमें बताया गया कि स्वच्छता केवल घर की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना भी उतना ही आवश्यक है।
नाटक में यह भी संदेश दिया गया कि—
स्वच्छता से बीमारियों से बचाव होता है।
यह मानसिक शांति और तनावमुक्त जीवन प्रदान करती है।
स्वच्छ व्यक्ति समाज में सम्मान प्राप्त करता है।
कचरा प्रबंधन और नियमित सफाई से स्वस्थ वातावरण का निर्माण होता है।
सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी
इस कार्यक्रम में कई संस्थाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिनमें शामिल हैं:
- युथ सोशल वेलफेयर एसोसिएशन (युथ फोरम)
- भारतीय रेल प्रवासी एंड वेलफेयर एसोसिएशन
- सेंट विनसेंट डी पॉल स्कूल
- निर्मला निकेतन स्कूल
रेलवे प्रशासन और अन्य अतिथि
भायंदर स्टेशन अधीक्षक भारती राजवीर ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के अभियान से यात्रियों और नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
इस अवसर पर युथ फोरम के अध्यक्ष दीपक जैन, भारत एंड स्काउट गाइड की ममता मोराईस, राहुल यादव, रोबिन अलेक्जेंडर और ग्रेटा थापा भी मौजूद रहे।
स्वच्छता का महत्व : एक दृष्टिकोण
- शारीरिक स्वास्थ्य : बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवन।
- मानसिक स्वास्थ्य : तनाव और चिंता से मुक्ति, मन की शांति।
- सामाजिक प्रभाव : समाज में सम्मान और बेहतर वातावरण।
- पर्यावरण संरक्षण : कचरा प्रबंधन और प्रदूषण में कमी।
“स्वच्छता ही सेवा है” अभियान न केवल सरकारी पहल है, बल्कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी भी है। भायंदर रेलवे स्टेशन पर आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि जब समाज, शिक्षा संस्थान और प्रशासन साथ मिलकर काम करते हैं तो स्वच्छ भारत का सपना साकार हो सकता है।
















