2 अक्टूबर तक चलने वाला भव्य विशाल धार्मिक आयोजन में धर्म प्रेमी बंधुओं माताओं बहनों की भीड़ उमड़ी
मां सिद्धिदात्री शक्तिपीठ मंदिर नवरात्रि महोत्सव समिति मेवाड़ में प्रथम बार श्री सांवलिया सेठ की प्राकट्य कथा में धर्म प्रेमी बंधु भाव विभोर हुए

- मोनू एस.छीपा। लूनिया टाईम्स
भीलवाड़ा 27 सितंबर मेवाड़ में प्रथम बार मां सिद्धिदात्री शक्तिपीठ मंदिर नवरात्रि महोत्सव समिति द्वारा आयोजित श्री सांवलिया सेठ की प्राकट्य कथा में संकट मोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी महाराज ,निंबार्क आश्रम के महंत मोहन शरण जी शास्त्री महाराज पधारे उनका मंच पर व्यास पीठ से स्वागत अभिनंदन किया।
कथा वाचक गौवत्स दिव्यांशु महाराज के मुखारबिंद से व्यास पीठ पर विराजित होकर सांवलिया सेठ जी की प्राकट्य कथा का विस्तृत वर्णन करते हुए कथा की इस दौरान धर्म प्रेमी बंधुओं माताओं बहनों ने सांवलिया सेठ की मंच पर विराजित मूर्ति के सामने भाव विभोर होकर नृत्य किया।
कार्यक्रम स्वागत प्रभारी कैलाश सोनी ने बताया कि आज राजकुमार एंड पार्टी दिल्ली द्वारा श्री कृष्ण लीला नाट्य प्रस्तुति मनोरंजन कार्यक्रम रात्रि 8 बजे से रहेगा आगामी कार्यक्रम।
28 से 30 सितंबर दुर्गा सप्तसती महिमा रात्रि 7:30 बजे कथा वाचक श्री नंदरायदास महाराज पंडित चैतन्य शर्मा द्वारा किया जाएगा।
28 सितंबर मेवाड़ का प्रसिद्ध गवरी ( रई ) नृत्य प्रातः 8.30 बजे से पूरे दिन चलेगा जिसमें (शिवपुरा)शाहपुरा के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी।
1 अक्टूबर कन्या पूजन व भोजन का कार्यक्रम रहेगा जिसमें हर वर्ष की भांति लगभग 500 कन्याओं सहित धर्मप्रेमी बंधुओं का महाप्रसादी का आयोजन रहेगा वितरण प्रातः 9 से दोपहर 2 बजे तक रहेगा।
1 अक्टूबर एक शाम मां सिद्धिदात्री के नाम विशाल भजन संध्या भजन गायक नरेश प्रजापत द्वारा रात्रि 8 बजे से तथा अंतिम दिवस।
2 अक्टूबर को जवारा विसर्जन दोपहर 2 बजे से रहेगा जिसमें माता जी की जोत बस्ती में भ्रमण करते हुए कुवाडा माता जी के मंदिर जाएगी।
इस कार्यक्रम में नवरात्रि महोत्सव समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र शर्मा, कार्यक्रम स्वागत प्रभारी कैलाश सोनी, संयोजक भगत सेन, जमना लाल जोशी रमेश खटीक, सत्यनारायण व्यास, छोटू लाल कोली हरिशंकर पारीक राधेश्याम सिंघवाल कैलाश दाधीच भंवर सिंह कछावा दल्ली चंद खटीक जगदीश कुदाल रघुवीर चौहान लक्ष्मण कोली सत्यनारायण चित्रकूट मंदिर पुजारी नारायण गोस्वामी कैलाश शर्मा रतन सुवालका अनिल रांका कृष्ण गोपाल कुदाल महावीर व्यास सहित सैकड़ों भक्तजन मौजूद थे।












