टुंडी न्यूजझारखण्ड

सिविल सर्जन ने किया टुण्डी सीएचसी का औचक निरीक्षण, कई खामियां उजागर

DEEPAK KUMAR PANDEY
Correspondent Dhanbad

DEEPAK KUMAR PANDEY Correspondent - Dhanbad (Jharkhand)

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धनबाद, टुण्डी।  झारखंड राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविकता एक बार फिर उस समय उजागर हो गई जब धनबाद जिले के नवनियुक्त सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने गुरुवार दोपहर टुण्डी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में व्याप्त कई खामियों और अव्यवस्थाओं का पर्दाफाश हुआ।

अस्पताल की मनमानी व्यवस्था पर गिरी ‘सिविल सर्जन’ की गाज

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, टुण्डी की दशा किसी से छिपी नहीं है। वर्षों से यह अस्पताल कुछ स्थानीय छुटभैये तत्वों के संरक्षण में मनमाने ढंग से संचालित होता रहा है। चिकित्सा व्यवस्था में लापरवाही, स्टाफ की मनचाही उपस्थिति और अनुशासनहीनता यहां की पहचान बन गई थी।

लेकिन हालात उस वक्त बदलते नजर आए जब डॉ. आलोक विश्वकर्मा, जो हाल ही में धनबाद के सिविल सर्जन के पद पर नियुक्त हुए हैं, अचानक दोपहर करीब 3 बजे टुण्डी सीएचसी पहुंच गए। उनके साथ मौजूद टीम और औचक जांच के चलते अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।

निरीक्षण में मिलीं कई गंभीर खामियां

सिविल सर्जन ने सबसे पहले अस्पताल के दवा काउंटर, दवा स्टोर, एमटीसी (माल्‍न्यूट्रिशन ट्रीटमेंट सेंटर) और ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) का निरीक्षण किया। इसके अलावा, उन्होंने भर्ती मरीजों से भी बातचीत कर सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान जो तथ्य सामने आए, वे काफी चौंकाने वाले थे—

  • कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से गैरहाजिर पाए गए।
  • ओपीडी और अन्य विभागों में अनुशासन की कमी स्पष्ट रूप से दिखी।
  • दवा वितरण प्रणाली में प्रशासनिक लापरवाही का संकेत मिला।
  • कुछ कर्मचारियों पर चिकित्सा प्रभारी के संरक्षण में मनमानी करने के आरोप सामने आए।

हाजिरी काटी गई, दिए सख्त निर्देश

स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने तत्काल प्रभाव से अनुपस्थित कर्मचारियों की हाजिरी काटने के आदेश दिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पतालों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि:

  • सभी स्वास्थ्यकर्मी समय पर उपस्थित रहें।
  • मरीजों को समय पर उपचार और दवाइयां मिलें।
  • चिकित्सा प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी कर्मचारी निजी संरक्षण के भरोसे मनमानी न कर सके।

अस्पताल प्रशासन में मचा हड़कंप

सिविल सर्जन के निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। कई विभागों के कर्मचारी बचाव की मुद्रा में नजर आए। स्थानीय लोगों में भी इस निरीक्षण की चर्चा रही और उन्होंने इसे एक सकारात्मक पहल बताया।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से टुण्डी सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं महज़ कागज़ों तक सीमित रही हैं। सिविल सर्जन का यह निरीक्षण अस्पताल को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

निरीक्षण के बाद लौटे सिविल सर्जन

निरीक्षण के अंत में डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने अस्पताल प्रबंधन को चेताया कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद वे अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।

धनबाद जिले के टुण्डी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुए इस औचक निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत कितनी चिंताजनक है। नए सिविल सर्जन की सख्ती यदि इसी तरह बनी रही तो आने वाले समय में टुण्डी सीएचसी समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यशैली में निश्चित ही सुधार देखने को मिलेगा।

न्यूज़ डेस्क

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