मोहनखेड़ा महातीर्थ में मुनिराज पीयूषचन्द्र विजयजी का 7वां वर्षीतप पारणा हर्षोल्लास से सम्पन्न

- मेधनगर (मध्य प्रदेश) | 20 अप्रैल 2026
मध्य प्रदेश के मेधनगर स्थित श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में आज अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर जैन संत मुनिराज पीयूषचन्द्र विजयजी का 7वां वर्षीतप पारणा भव्य आयोजन के साथ सम्पन्न हुआ।
यह आयोजन विकास प्रेरक परोपकार सम्राट गच्छाधिपति आचार्य ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनिराज पीयूषचन्द्र विजयजी के सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वेतांबर पेढ़ी ट्रस्ट मंडल द्वारा किया गया। वर्षीतप, जो 12 महीनों की कठिन तपस्या होती है, में लगभग 400 दिनों के दौरान 200 उपवास शामिल होते हैं। मुनिराज का यह लगातार सातवां वर्षीतप रहा, जिसे जैन समाज में अत्यंत कठिन और साधना का सर्वोच्च उदाहरण माना जाता है।
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पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने मुनिराज को इक्षुरस (गन्ने का रस) से पारणा कराया। इस दौरान पूरे महातीर्थ परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया, रंगोलियों से अलंकृत किया गया और धार्मिक वातावरण में भक्ति की विशेष छटा देखने को मिली।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पारणा अन्य स्थल पर होना था, किन्तु अंततः यह मोहनखेड़ा महातीर्थ में ही हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
पारणा विवरण:
- दिनांक: 20 अप्रैल 2026
- समय: दोपहर 3 बजे
- स्थान: मोहनखेड़ा महातीर्थ, मध्य प्रदेश
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने मुनिराज की तपस्या के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।














