दादु द्वारा सरदार नगर अखाड़े में चल रहे सावन माह चातुर्मास महोत्सव आयोजित

- बनेड़ा
इस महोत्सव के अन्तर्गत दादु वाणी कथा सुनकर श्रौता हुए श्रृद्धा से भोर विभोर
बनेड़ा उपखण्ड क्षैत्र के सरदार नगर स्थित दादु द्वारा अखाड़े में चल सावन माह चातुर्मास महोत्सव में रोज अलग – धर्म ग्रंथों का पाठ अलग -अलग समय पर किया जा रहा है जिसमें रामायण पाठ ,गीता भागवत , दादु वाणी, इत्यादि का पाठन इस महोत्सव द्वारा अलग अलग कथा वाचकों के द्वारा कि जा रही है।

रविवार को हुई दादु वाणी कथा में कथावाचक संत दयाल दास जी महाराज कथा में बताते है कि दादू दयाल जी महाराज के बाह्यय मन पर जो विचार रखे गये उन्हें ही बाह्य मन, या “दादू पंथ” के नाम से जाना जाता है, ये एक आध्यात्मिक और सामाजिक आंदोलन था जिसका उद्देश्य विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच सहिष्णुता और समन्वय स्थापित करना था। दादू दयाल महाराज ने स्वयं किसी पंथ की स्थापना का उद्देश्य नहीं रखा था, बल्कि उनका लक्ष्य एक उत्कृष्ट जीवन-पद्धति का निर्माण करना था जो व्यक्तिगत और सामूहिक कल्याण पर केंद्रित हो ।कथा के दौरान संगीतमय माहौल के कारण भक्तगण में भक्ति में भाव विभोर होकर खुब भजनों का आनन्द लिया।इस अवसर पर अखाड़ा पीठाधीश्वर रामदास जी महाराज, रामपाल जी महाराज , सहित सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण जन उपस्थित रहे ।















