राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय टुण्डी: चहारदिवारी के अभाव में असामाजिक तत्वों का अड्डा बना परिसर

टुण्डी (झारखंड)| राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय टुण्डी अपनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए क्षेत्र में पहचान रखता है। यहां का शिक्षा स्तर उच्च कोटि का होने के कारण छात्र-छात्राओं का विशेष लगाव इस विद्यालय से जुड़ा है। इस वर्ष विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है, बच्चों में अनुशासन और पठन-पाठन की व्यवस्था भी उत्कृष्ट है। उपस्थिति भी उल्लेखनीय रूप से अच्छी है।
खेलकूद की सुविधा और मजबूत चहारदिवारी का अभाव
विद्यालय की सबसे बड़ी कमी यह है कि यहां खेलकूद के लिए कोई सुविधा नहीं है और चहारदिवारी ब्रिटिश काल की पुरानी, नीची और जर्जर है। यही वजह है कि शाम ढलते ही परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होने लगता है। शराब पीना और डिस्पोजेबल गिलास बिखरे देखना यहां आम बात है।
प्रधानाध्यापक अभिमन्यु भगत के अनुसार, इस स्थिति से शिक्षा विभाग को अवगत करा दिया गया है, लेकिन चहारदिवारी निर्माण कार्य में लगातार विलंब हो रहा है।
बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
प्रधानाध्यापक ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मजबूत चहारदिवारी नहीं बनाई गई तो आने वाले दिनों में इसका बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर शिक्षा विभाग झारखंड को शिक्षा के क्षेत्र में विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखता है, वहीं दूसरी ओर इस विद्यालय की चहारदिवारी को लेकर घोर लापरवाही बरती जा रही है।
चहारदिवारी निर्माण को दी जाए प्राथमिकता
अभिमन्यु भगत ने दोहराया कि राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय टुण्डी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में आज भी सर्वोपरि है। उन्होंने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से चहारदिवारी निर्माण को शिक्षा विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल करने की अपील की।














