पर्युषण महापर्व आदेश्र्वर जिनालय प. पु. श्री उज्ज्वलधर्मा श्रीजी का प्रवचन और महावीर स्वामी जन्म वाचन संपन्न

- भायंदर (पूर्व)
आदेश्र्वर जिनालय में आशीर्वाददाता आचार्य विजय यशोवर्मसूरीश्वरजी म. सा. के करकमलों से पर्युषण महापर्व का आयोजन किया गया। मंदिर के संस्थापक श्रीमती शांता बेन मीठालाल जैन चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से इस महापर्व का आयोजन रखा गया।
पर्व के प्रथम दिन प. पु. श्री उज्ज्वलधर्मा श्रीजी ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि पर्व दो प्रकार के होते हैं—लौकिक और लोकोत्तर। लौकिक पर्व शरीर की सजावट और मौज-शौक से जुड़े होते हैं, जबकि लोकोत्तर पर्व आत्मा की शुद्धि और साधना का मार्ग दिखाते हैं। प्रवचन में पाँच कर्तव्यों—अमारी प्रवर्तन, साधार्मिक वात्सल्य, क्षमापना, अठम तप और प्रतिक्रमण—का महत्व समझाया गया।

कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित हैं:
- सुबह 5:00 बजे – देरासर खुलने का समय एवं प्रतिक्रमण
- सुबह 7:30 बजे – अभिषेक और अष्टप्रकारी पूजा
- सुबह 9:30 बजे – प्रवचन
- शाम 4:15 बजे – कल्पसूत्र चढ़ावा (लाभार्थी: हंसा बेन किर्तिकुमार शाह)
- शाम 6:15 बजे – प्रतिक्रमण
- रात 8:30 बजे – भक्ति संध्या (सुप्रसिद्ध संगीतकार विनय सतरा और मित सतरा की प्रस्तुति), तत्पश्चात आरती
प्रतिदिन भक्तांबर स्नात्र पूजा, प्रवचन, प्रतिक्रमण, आरती, भक्ति और विभिन्न धार्मिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
24 अगस्त 2025: भगवान महावीर स्वामी जन्मवाचन भव्य समारोहपूर्वक मनाया जाएगा। इसमें 14 महा स्वप्न, पालना-जी, आरती आदि का चढ़ावा बोला जाएगा।
27 अगस्त 2025: संवत्सरी महापर्व पर सामूहिक प्रतिक्रमण के माध्यम से सभी जीवों से क्षमायाचना कर पर्व का समापन होगा।
















