RSRTC Live App फेल: कुछ रोडवेज बसों जीपीएस खराब होने से यात्री बस छूटने से परेशान, रोडवेज को लग रहा है चूना

Satynarayan Sen
जयपुर/राजस्थान।राजस्थान रोडवेज (RSRTC) को डिजिटल बनाने के लिए करोड़ों की लागत से ‘लाइव लोकेशन’ ऐप तो शुरू कर दिया गया, लेकिन धरातल पर यह योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। आलम यह है कि आधे से ज्यादा रोडवेज बसों की लोकेशन ऐप पर अपडेट ही नहीं होती, जिससे यात्रियों को घंटों बस स्टैंड पर खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
गुरलां बस स्टैंड पर खड़ा व्यक्ति लॉकेशन में रोडवेज बस ढुंढता पर लाइव लॉकेशन पर नहीं बस
गुरलां बस पर सवारी rsrtc live apps पर रोडवेज बस का लॉकेशन ढुंढता पर लाइव लॉकेशन में रोडवेज बस नहीं होती है जबकि गुरलां बस स्टैंड से रोडवेज बस निकल जाती यात्रियों को लॉकेशन नहीं मिलने से यात्रियों को परेशानी व निराशा हाथ लगती है ऐसे रोडवेज का एप्स उपयोग करने वाले सभी रोडवेज स्टैंड पर लोगों को परेशानी होती है
खराब जीपीएस और मेंटेनेंस की कमी
यात्रियों का आरोप है कि अधिकांश बसों में या तो जीपीएस सिस्टम लगा ही नहीं है, और जिनमें लगा है वे लंबे समय से खराब पड़े हैं। तकनीकी खराबी के कारण बस कब स्टैंड से निकल जाती है, इसका पता यात्रियों को नहीं चल पाता। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि यात्रियों को निजी बसों का सहारा लेना पड़ता है।
भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मॉनिटरिंग का अभाव
जीपीएस सिस्टम बंद होने का एक बड़ा नुकसान भ्रष्टाचार के रूप में सामने आ रहा है। जब बस की लोकेशन जयपुर मुख्यालय को नहीं मिलती, तो बसों के रूट डायवर्ट करने और अनाधिकृत ठहराव की शिकायतें बढ़ जाती हैं। जानकारों का मानना है कि अगर सभी बसों में जीपीएस अनिवार्य रूप से चालू रहे, तो डीजल चोरी और अवैध ठहराव पर अंकुश लगाया जा सकता है।
यात्रियों की मांग: हो रही है परेशानी
रोडवेज यात्रियों ने मांग की है कि सभी बसों के जीपीएस सिस्टम को तत्काल प्रभाव से ठीक किया जाए। यात्रियों का कहना है कि, “जब हम ऐप देखते हैं तो बस नहीं दिखती, लेकिन स्टैंड पहुँचने पर पता चलता है कि बस निकल चुकी है। सरकार को इस सिस्टम की रिपेयरिंग पर ध्यान देना चाहिए ताकि यात्रा सुगम हो सके।”











