राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचारों को बढ़ावा दे मीडिया : निम्बाराम

जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम ने कहा कि समाज में वास्तविक परिवर्तन सत्ता के बल पर नहीं, बल्कि जागरूकता और एकजुटता से संभव होता है। उन्होंने पत्रकारों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज को शिक्षित, प्रशिक्षित और संगठित करने का दायित्व पत्रकारिता का है। जब समाज सकारात्मक और राष्ट्रहितकारी विचारों के साथ आगे बढ़ता है, तभी सच्ची जागृति संभव होती है।
वे शनिवार को मालवीय नगर स्थित पाथेय कण संस्थान के देवर्षि नारद सभागार में विश्व संवाद केंद्र द्वारा आयोजित देवर्षि नारद जयंती एवं पत्रकार सम्मान समारोह में संबोधित कर रहे थे।

पत्रकारिता को बताया “धर्म”
निम्बाराम ने पत्रकारिता को एक “धर्म” की संज्ञा देते हुए देवर्षि नारद का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि नारद जी की विश्वसनीयता और प्रमाणिकता के कारण उन्हें हर स्थान पर सम्मान मिला। आज के पत्रकारों को भी सत्यनिष्ठ, जिम्मेदार और संतुलित रहकर कार्य करना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि ब्रेकिंग न्यूज और सनसनीखेज खबरों की होड़ में तथ्यहीन या राष्ट्रहित के विरुद्ध सामग्री प्रसारित करना उचित नहीं है। विशेष रूप से राष्ट्रीय संकट या सुरक्षा से जुड़े मामलों में समाचारों के प्रसारण में संयम और विवेक अत्यंत आवश्यक है। साथ ही उन्होंने भारतीय संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली इतिहास को पत्रकारिता में उचित स्थान देने पर जोर दिया।
तेजी के साथ सत्यता बनाए रखना बड़ी चुनौती : देवनानी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती तेजी के साथ सत्यता बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में कई बार समाचारों में त्रुटियां हो जाती हैं, जिससे समाज में भ्रम और नकारात्मकता फैलती है।
उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे सनसनीखेज प्रस्तुति से बचें और समाचारों को संतुलन तथा जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत करें।
लोकधर्म और सत्य के वाहक थे नारद : उपाध्याय
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वदेश समूह के सलाहकार संपादक गिरीश उपाध्याय ने कहा कि देवर्षि नारद निर्भय होकर सत्य कहने के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि फिल्मों में भले ही नारद जी का अलग रूप दिखाया गया हो, लेकिन वे वास्तव में लोकधर्म और सत्य के वाहक थे।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पत्रकारिता का आधार सत्य, प्रमाणिकता और जिम्मेदारी होना चाहिए, न कि केवल सनसनी या शोर।
दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि वासुदेव देवनानी, मुख्य वक्ता निम्बाराम और कार्यक्रम अध्यक्ष गिरीश उपाध्याय द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
उत्कृष्ट पत्रकारों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न मीडिया क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
प्रिंट मीडिया से: मदन कलाल
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से: लखवीर सिंह शेखावत
वेब मीडिया से: रामगोपाल जाट
इन सभी को उनकी उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए देवर्षि नारद सम्मान से सम्मानित किया गया।
यह समारोह पत्रकारिता के मूल्यों—सत्य, संतुलन और राष्ट्रहित—को पुनर्स्थापित करने का संदेश देता हुआ संपन्न हुआ।













