पाली में राज्य स्तरीय विश्वकर्मा सामान्य ज्ञान परीक्षा सम्पन्न, 123 परीक्षार्थियों ने लिया भाग

पाली में रविवार को रतनचंद लोढ़ा स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय विश्वकर्मा सामान्य ज्ञान परीक्षा सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। भीषण गर्मी के बावजूद पाली जिले के 123 परीक्षार्थियों ने उत्साह के साथ परीक्षा में भाग लिया।
पाली केंद्र के पर्यवेक्षक एवं जिला शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार जांगिड़ ने बताया कि जिले से कुल 177 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, जिनमें से 123 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें जूनियर वर्ग से 58 और सीनियर वर्ग से 60 परीक्षार्थियों ने भाग लिया।
केंद्र अधीक्षक पारसमल बरड़वा और विजय जांगिड़ के अनुसार, यह परीक्षा अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा, प्रादेशिक सभा जयपुर के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। समाज के वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सारंग की प्रेरणा से आयोजित यह जांगिड़ समाज की पहली राज्य स्तरीय सामान्य ज्ञान परीक्षा रही। परीक्षा में 63 लड़के और 60 लड़कियों की भागीदारी ने समाज में महिला-पुरुष समानता का संदेश भी दिया।

शिक्षाविदों का रहा महत्वपूर्ण योगदान
परीक्षा के सफल संचालन में विभिन्न शिक्षाविदों का विशेष योगदान रहा। इनमें प्रधानाचार्य पारसमल सुथार, वरिष्ठ पुस्तकालयाध्यक्ष विजय कुमार, व्याख्याता वर्ग से किरण बाला जांगिड़, जगदीश चंद्र, ओमप्रकाश बरड़वा, हरीश कुमार एदलावास, कंप्यूटर अनुदेशक नितिन कुमार शामिल रहे। वरिष्ठ अध्यापक वर्ग से रामदयाल जांगिड़, महेंद्र राज, विष्णु जांगिड़, राजेश जांगिड़, हरीश जांगिड़, कार्यालय सहायक धनराज सायल, शारीरिक शिक्षक मदनलाल जांगिड़, प्रकाशचंद जांगिड़, श्रवण कुमार और अशोक पारखवड ने भी सक्रिय सहयोग दिया।
परीक्षार्थियों को वितरित की गई कॉपियां
प्रचार मंत्री घेवरचंद आर्य ने बताया कि परीक्षा के बाद श्री विश्वकर्मा शिक्षा समिति, पाली द्वारा सभी परीक्षार्थियों को 9 कॉपियों का एक सेट वितरित किया गया। साथ ही परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए जलपान और भोजन की व्यवस्था स्मृति शेष मांगीलाल लूंजा परिवार द्वारा की गई।
समाजजनों का सराहनीय सहयोग
पूरे आयोजन को सफल बनाने में समाज अध्यक्ष मोहनलाल जांगिड़, मंत्री ओमप्रकाश लूंजा, कोषाध्यक्ष अमरचंद शर्मा सहित कई समाजजनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी के सामूहिक प्रयास से यह आयोजन सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
रिपोर्ट: घेवरचंद आर्य, पाली












