नोएडा में चौंकाने वाली घटना: कैब ऐप पर ‘सोनू’, असल में ‘नासिम’, दो आधार कार्डों का राज!
नोएडा: जानलेवा स्पीड में कैब चलाने वाले के पास मिले 2 आधार कार्ड** नोएडा में एक कैब ड्राइवर ने नासिम सोनू के नाम से बुकिंग लेकर जानलेवा स्पीड में वाहन चलाया। पुलिस को उसके पास से दो अलग-अलग नामों के आधार कार्ड बरामद हुए ।

“भैया प्लीज रोक दो…” – बच्ची की चीख से गूंज उठा कैब, ड्राइवर फरार; नोएडा पुलिस ने दबोचा
नोएडा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां एक कैब ड्राइवर ने न केवल जानलेवा गति से वाहन चलाकर यात्रियों की जान जोखिम में डाली, बल्कि उसकी पुलिस जांच में दो अलग-अलग नामों के आधार कार्ड भी बरामद हुए। यह घटना 16 अगस्त 2025 को नोएडा के पर्थला फ्लाईओवर के पास घटी, जब एक परिवार दिल्ली जाने के लिए कैब बुक करके सफर कर रहा था।
गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे का वक्त था जब ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अजनारा होम्स हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले संजय मोहन अपनी पत्नी और चार साल की बच्ची के साथ नोएडा के सेक्टर-119 से दिल्ली के कनॉट पैलेस जाने के लिए कैब में सवार हुए। पर्थला फ्लाईओवर के पास पुलिस चेकिंग देखकर कैब ड्राइवर नासिम घबरा गया, क्योंकि उसके पास वाहन के पूरे कागजात नहीं थे। पुलिस के रोकने के बावजूद उसने गाड़ी नहीं रोकी और तेज रफ्तार में भागना शुरू कर दिया ।
कार में बैठे परिवार ने बार-बार ड्राइवर से गाड़ी रोकने की गुहार लगाई, लेकिन वह नहीं माना। इस दौरान उसने एक अन्य वाहन से टक्कर भी मार दी। परिवार की मिन्नतों और बच्ची के रोने के बावजूद ड्राइवर ने अपनी रफ्तार कम नहीं की। आखिरकार वह सेक्टर-62 में एक रेड लाइट पर गाड़ी रोककर परिवार को उतारकर भाग गया ।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें साफ सुनाई दे रहा था कि कैसे परिवार के सदस्य ड्राइवर से गुहार लगा रहे थे – “भैया प्लीज रोक दो, बच्चे डरे हैं…”। 59 सेकंड के इस वीडियो ने सभी को झकझोर कर रख दिया ।
पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए कार नंबर के आधार पर शुक्रवार सुबह सहारा कट के पास से आरोपी नासिम को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि उसका असली नाम नासिम है, जबकि वह बुकिंग ऐप पर खुद को सोनू बताता था। उसके पास से दो अलग-अलग नामों के आधार कार्ड बरामद हुए ।
आरोपी हरियाणा के पलवल जिले के गांव हसावरी का रहने वाला है और वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-73 स्थित सर्फाबाद गांव में रहता था। पुलिस ने उसकी वैगनआर कार को सीज कर दिया और 29,250 रुपये का ई-चालान भी किया ।
यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि ऑनलाइन कैब बुकिंग सिस्टम में पहचान संबंधी खामियों की ओर भी इशारा करती है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि कैसे एक व्यक्ति दो अलग-अलग पहचान पत्रों के साथ कैब सेवा चला रहा था ।











