दिशोम गुरु शिबू सोरेन की कर्मभूमि को स्वावलंबन ग्राम बनाने की पहल, पश्चिमी टुण्डी में सर्वे कार्य तेज

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की कर्मभूमि को स्वावलंबन ग्राम बनाने की दिशा में तेज हुआ सर्वे कार्य
पश्चिमी टुण्डी के गांवों में घर-घर जाकर जुटाई जा रही जानकारी
तारीख: 17 जनवरी
संवाददाता: दीपक पाण्डेय
टुण्डी दिशोम गुरु शिबू सोरेन की कर्मभूमि रही है,
यह कहना किसी भी प्रकार की अतिशयोक्ति नहीं होगी।
इसके बावजूद पश्चिमी टुण्डी अंतर्गत उनकी कर्मभूमि माने जाने वाले
पोखरिया गांव सहित आसपास के गांव आज भी
कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
गांवों के समग्र विकास एवं उन्हें
स्वावलंबन ग्राम के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से
जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में शनिवार को जिला प्रशासन की टीमों द्वारा
व्यापक सर्वे कार्य किया गया।
गांवों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर विकास योजनाओं को धरातल पर उतारना।
इस सर्वे के दौरान भेलवाबेड़ा, चीन पहाड़ी,
पतरोबाद, झिनाकी,
बाघमारा एवं पोखरिया समेत
आधा दर्जन गांवों का घर-घर जाकर
डोर टू डोर सर्वेक्षण किया गया।
सर्वे के दौरान सभी आवश्यक जानकारियों को
ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया गया।
वहीं ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली, स्कूल, आंगनबाड़ी सहित
अपनी विभिन्न समस्याओं को सर्वे टीम के समक्ष रखा।
सर्वे कार्य में शामिल प्रमुख अधिकारी
- हल्का कर्मचारी – अशोक महतो
- अमीन – मेघलाल महतो
- बीआरपी – मनोज कुंभकार
- बीआरपी – प्रवीण कुमार
- पंचायत सेवक – दिनेश हजाम
- रोजगार सेवक एवं अन्य कर्मी













