दिशोम गुरु शिबू सोरेन की कर्मभूमि पोखरिया में स्वावलंबन योजना शिविर का समापन, ग्रामीणों में दिखा उत्साह

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की कर्मभूमि पोखरिया में स्वावलंबन योजना शिविर का समापन
झारखंड जागरण संवाददाता | टुंडी — दिशोम गुरु शिबू सोरेन की कर्मभूमि रहे पोखरिया गांव में स्वावलंबन योजना के तहत लगाए गए विशेष शिविर का आज विधिवत समापन हो गया। जिला प्रशासन द्वारा मछियारा पंचायत को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से विगत दस दिनों से पंचायत के विभिन्न राजस्व गांवों में लगातार शिविर आयोजित किए जा रहे थे।
यह पंचायत मुख्य रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ आधारभूत संरचनाओं की स्थिति का आकलन किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों से आवेदन प्राप्त कर कई समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों को आगे की कार्रवाई हेतु जिला स्तर पर भेजा गया।
दिनांक 19 जनवरी से 28 जनवरी तक आयोजित इन शिविरों में विभिन्न गांवों के ग्रामीणों को लाभ पहुंचाया गया। इस दौरान नए आधार कार्ड बनाना, आधार में सुधार एवं अद्यतन, पेंशन की ऑन स्पॉट स्वीकृति, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्य शिविर स्थल पर ही किए गए। वहीं आवास योजना से संबंधित आवेदनों को अग्रसारित किया गया।

शिविरों के आयोजन से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली, क्योंकि उन्हें अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। अंतिम शिविर आज मछियारा पंचायत सचिवालय में आयोजित किया गया, जहां टुंडी के प्रभारी अंचलाधिकारी ने पहुंचकर शिविर का निरीक्षण किया।
पंचायत सचिव दिनेश हजाम के आग्रह पर प्रभारी अंचलाधिकारी ने पंचायत भवन के आसपास की भूमि की मापी कर चहारदीवारी निर्माण हेतु परिसीमन करने का निर्देश अंचल अमीन बैजू यादव को दिया।
इस अवसर पर शिविर में गौरी शंकर यादव, गौरी शंकर चौधरी, अजय सिंह, लखन ओझा, मृतुंजय प्रियदर्शी, मनोज कुमार, दीपराज विश्वकर्मा, अजित किस्कू, बुधन हेम्ब्रम, गोविंद टुडू, शहजाद अंसारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने शिविर के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन का आभार जताया और कहा कि इस प्रकार के शिविरों से आम जनता को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है तथा पंचायत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है।














